8th Pay Commission in State Government || Image- Symbolic (Canva)
जयपुरः राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार (11 फरवरी) को लगातार तीसरा फुल बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने सरकारी कर्मचारियों, किसानों के साथ हेल्थ सेक्टर, पेयजल, ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए कई बड़े ऐलान किए। (8th Pay Commission in State Government) अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि राजस्थान सरकार ने आठवें वेतन आयोग के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन करने का निर्णय लिया है, जिससे कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
राजस्थान सरकार ने किसानों और कृषि क्षेत्र के सशक्तिकरण के लिए कई ऐतिहासिक योजनाओं की शुरुआत की है। हरियाणा से प्रदेश को पानी दिलाने के लिए यमुना जल योजना के तहत 32,000 करोड़ की परियोजना शीघ्र शुरू की जाएगी। राज्य में 3 लाख हेक्टेयर में सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, और टोंक जिले में फव्वारा पद्धति से सिंचाई पर 100 करोड़ खर्च होंगे। किसानों को आधुनिक उपकरण देने के लिए 160 करोड़ रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे 50,000 कृषकों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा बीज, दलहनी-तिलहनी फसलें, ग्रीन हाउस, नमो नर्सरी और नमो वन जैसी पहलें की जाएंगी। वर्षा जल संग्रहण और 19 करोड़ पौधों के रोपण से प्रदेश में स्थायी कृषि और हरित आवरण को बढ़ावा मिलेगा।
बच्चों और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जेके लॉन चिकित्सालय में 500 बेड क्षमता वाला IPD टावर 75 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत न्यूरोलॉजी विभाग की स्थापना की जाएगी और 200 बेड वाला पेडियाट्रिक IPD भी विकसित किया जाएगा, जिसमें न्यूनटल आईसीयू की सुविधा शामिल होगी। (8th Pay Commission in State Government) दस्तावेजों के अभाव में इलाज न मिलने वाले असहाय और विमंदित लोगों को मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना और निरोगी राजस्थान के तहत निशुल्क उपचार प्रदान किया जाएगा। इस पहल से बच्चों और गरीबों को आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
8वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों के न्यूनतम बेसिक वेतन को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 51,480 रुपये तक किए जाने की संभावना है। साथ ही, फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 2.86 करने की योजना है, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में लगभग 186% तक की वृद्धि हो सकती है।
7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 1 जनवरी 2026 को समाप्त हो रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को 2025 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि इन्हें समय पर लागू किया जा सके। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि ये सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होंगी। इसके अनुसार, कर्मचारियों को जनवरी 2026 से बढ़ा हुआ वेतन और पेंशनर्स को संशोधित पेंशन का लाभ फरवरी 2026 से मिलेगा। (8th Pay Commission in State Government) फिलहाल, 8वें वेतन आयोग का काम शुरू नहीं हुआ है क्योंकि इसके सदस्यों की नियुक्ति अभी बाकी है। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आयोग के अध्यक्ष और दो सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी, जिससे सिफारिशों को समय पर अंतिम रूप दिया जा सके।
हालांकि राज्य सरकारें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को अपनाने के लिए बाध्य नहीं होतीं, लेकिन ज्यादातर राज्यों ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को अपने संशोधनों के साथ लागू किया था। महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों ने इसका लाभ अपने कर्मचारियों तक पहुंचाया। उम्मीद की जा रही है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को भी राज्य सरकारें अपनाएंगी, जिससे राज्य के कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा।
7वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिसके परिणामस्वरूप न्यूनतम बेसिक वेतन 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये किया गया था। (8th Pay Commission in State Government) अब, 8वें वेतन आयोग में इस फैक्टर को 2.86 तक बढ़ाने की योजना है। इसके चलते बेसिक वेतन 51,480 रुपये तक पहुंच सकता है। इस बढ़ोतरी से न केवल कर्मचारियों के वेतन में सुधार होगा, बल्कि उनकी जीवनशैली और आर्थिक स्थिति पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।