रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए नयी ‘सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची’ जारी

रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए नयी 'सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची' जारी

रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए नयी ‘सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची’ जारी
Modified Date: July 16, 2024 / 05:22 pm IST
Published Date: July 16, 2024 5:22 pm IST

नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) भारत ने मंगलवार को 346 सैन्य हार्डवेयर की एक नयी सूची की घोषणा की जिसमें ‘रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण’ प्रणालियां और हथियार शामिल हैं। इन्हें एक निश्चित समय-सीमा के भीतर उनके आयात पर प्रतिबंध लागू होने के बाद केवल सरकार द्वारा संचालित घरेलू निर्माण इकाइयों से ही खरीदा जाएगा।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि घरेलू रक्षा उद्योगों को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत पिछले तीन वर्ष में 12,300 से अधिक वस्तुओं का स्वदेशीकरण किया जा चुका है।

मंत्रालय ने कहा कि 346 वस्तुओं वाली पांचवीं सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची को अधिसूचित किया गया है और इन वस्तुओं का उत्पादन रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों (डीपीएसयू) द्वारा किया जाएगा।

बयान में कहा गया है, ‘रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और डीपीएसयू द्वारा आयात को न्यूनतम करने के लिए रक्षा उत्पादन विभाग ने 346 वस्तुओं वाली पांचवीं सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची (पीआईएल) को अधिसूचित किया है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘इससे अर्थव्यवस्था में वृद्धि को गति मिलेगी, रक्षा में निवेश बढ़ेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी।’

पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं।

भारत विश्व स्तर पर हथियारों के सबसे बड़े आयातकों में से एक है।

अनुमानों के अनुसार भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अगले पांच-छह वर्ष में 130 अरब अमेरिकी डालर की पूंजीगत खरीद व्यय संभावित है।

रक्षा मंत्रालय ने अगले पांच वर्षों में रक्षा विनिर्माण में 25 अरब अमेरिकी डॉलर (1.75 लाख करोड़ रुपये) के कारोबार का लक्ष्य रखा है।

भाषा

शुभम माधव

माधव


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