New Scheme for Girls: अब युवतियों को सरकार देगी 10-10 हजार रुपए, गणतंत्र दिवस पर वित्त मंत्री का बड़ा ऐलान, बेटियों के लिए खोला खजाना
New Scheme for Girls: अब युवतियों को सरकार देगी 10-10 हजार रुपए, गणतंत्र दिवस पर वित्त मंत्री का बड़ा ऐलान, बेटियों के लिए खोला खजाना
New Scheme for Girls 10,000 Rupees/Image Source: Generated by AI
- झारखंड में गणतंत्र दिवस समारोह
- जनकल्याण योजनाओं के बड़े एलान
- युवतियों को 10 हजार देने की तैयारी
रांची: New Scheme for Girls: झारखंड में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार में शामिल कांग्रेस कोटे के मंत्रियों ने अपने-अपने आवंटित जिलों में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर आम जनता को संबोधित किया। इस दौरान जनकल्याण, विकास और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े कई अहम संदेश और घोषणाएं सामने आईं।
गणतंत्र दिवस पर हेमंत सरकार का मास्टरस्ट्रोक! (Jharkhand Republic Day)
New Scheme for Girls: पलामू में आयोजित जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में झारखंड सरकार की ओर से बड़ा संकेत दिया गया। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि बिहार की तर्ज पर झारखंड की युवतियों को भी आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने बताया कि प्रत्येक योग्य युवती को 10,000 रुपए की सहायता राशि देने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इस प्रस्ताव को तैयार कर केंद्र सरकार से सहयोग मांगा गया है। गोड्डा के ऐतिहासिक गांधी मैदान में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने ध्वजारोहण के बाद कहा कि मजबूत ग्रामीण विकास और सशक्त पंचायती राज व्यवस्था ही आत्मनिर्भर भारत की नींव है। उन्होंने कहा कि गांवों के सशक्तिकरण से ही राज्य और देश का समग्र विकास संभव है।
झारखंड की बेटियों को मिल सकती है आर्थिक मदद (Hemant Soren Government)
New Scheme for Girls: रांची के मांडर कॉलेज मैदान में आयोजित समारोह में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें सीमित और संकुचित सोच से बाहर निकलकर वास्तविकता से जुड़ना चाहिए। उन्होंने गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 26 जनवरी 1950 को राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा तिरंगे का ध्वजारोहण कर भारत का संविधान देश को समर्पित किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि 26 जनवरी की तिथि इसलिए चुनी गई क्योंकि 26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित किया था। समारोह के बाद मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया। बैंड डिस्प्ले में उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए संत अन्ना स्कूल और कस्तूरबा विद्यालय को पुरस्कृत किया गया।


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