मोदी पर बीबीसी के वृत्तचित्र को लेकर 10,000 करोड़ रुपये हर्जाने संबंधी याचिका एनजीओ ने वापस ली

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मोदी पर बीबीसी के वृत्तचित्र को लेकर 10,000 करोड़ रुपये हर्जाने संबंधी याचिका एनजीओ ने वापस ली

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  • Publish Date - September 7, 2026 / 04:07 PM IST,
    Updated On - September 7, 2026 / 04:07 PM IST

नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘जस्टिस ऑन ट्रायल’ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर बने वृत्तचित्र ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ को लेकर ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) से 10,000 करोड़ रुपये हर्जाना मांगने संबंधी अपनी याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय से वापस ले ली है।

संगठन ने आरोप लगाया था कि इस वृत्तचित्र से देश की प्रतिष्ठा धूमिल हुई और इसमें प्रधानमंत्री मोदी एवं भारतीय न्यायपालिका के खिलाफ झूठे एवं मानहानिकारक आरोप लगाए गए हैं।

न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने याचिकाकर्ता के वकील को मुकदमा वापस लेने की अनुमति देते हुए कहा, ‘‘तदनुसार, आईपीए 1/2023 और इसके साथ दायर मुकदमे को, मांगी गई छूट प्रदान करते हुए, वापस लिया हुआ मानकर खारिज किया जाता है।’’

अदालत ने तीन सितंबर को यह आदेश पारित किया।

गुजरात आधारित संगठन ‘जस्टिस ऑन ट्रायल’ के वकील ने कहा कि उन्हें ‘इंडिजेंट पर्सन एप्लीकेशन’ (आईपीए) और मुकदमा वापस लेने तथा इसी मामले को लेकर नया मुकदमा दायर करने की छूट का अनुरोध करने के निर्देश मिले थे।

एनजीओ ने आईपीए दायर की थी जिसके तहत आर्थिक रूप से असमर्थ व्यक्ति को मुकदमा दायर करने की अनुमति मिलती है।

उच्च न्यायालय ने इससे पहले एनजीओ के आवेदन पर बीबीसी (ब्रिटेन) और बीबीसी (भारत) को नोटिस जारी किए थे।

याचिका में कहा गया था कि बीबीसी (ब्रिटेन), ब्रिटेन का राष्ट्रीय प्रसारक है और उसने दो भाग वाला वृत्तचित्र ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ जारी किया था जबकि बीबीसी (भारत) उसका स्थानीय कार्यालय है। वृत्तचित्र के दोनों भाग जनवरी 2023 में प्रसारित किए गए थे।

याचिकाकर्ता ने प्रधानमंत्री, भारत सरकार, गुजरात सरकार और भारत के लोगों की ‘‘प्रतिष्ठा और साख को हुए नुकसान’’ के लिए प्रतिवादियों से एनजीओ के पक्ष में 10,000 करोड़ रुपये हर्जाना दिलाए जाने का अनुरोध किया था।

यह वृत्तचित्र 2002 के गुजरात दंगों से संबंधित है, जब मोदी राज्य के मुख्यमंत्री थे। सरकार ने वृत्तचित्र जारी होने के कुछ समय बाद ही उस पर प्रतिबंध लगा दिया था।

भाषा सिम्मी नेत्रपाल

नेत्रपाल