एनजीटी ने प्रदूषण बोर्ड को चीनी मिल से 4.13 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूलने को कहा

एनजीटी ने प्रदूषण बोर्ड को चीनी मिल से 4.13 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूलने को कहा

एनजीटी ने प्रदूषण बोर्ड को चीनी मिल से 4.13 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूलने को कहा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:29 pm IST
Published Date: June 25, 2021 10:40 am IST

नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को वायु और जल प्रदूषण के लिए पानीपत सहकारी चीनी मिल से 4.13 करोड़ रुपये जुर्माना के तौर पर वसूलने का निर्देश दिया है।

एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा कि नियमों के पालन के लिए अवसर दिए जाने के बावजूद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मिल को बंद करने और बिजली आपूर्ति रोकने के लिए दंडात्मक कदम नहीं उठाए। पीठ ने कहा कि मिल को जुर्माना भुगतान के लिए निर्देश देने के बजाए मुद्दे पर उपायुक्त को सिफारिश की गयी।

पीठ ने कहा, ‘‘उपरोक्त तथ्यों के मद्देनजर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) कानून का उल्लंघन जारी रहने पर प्रभावी कदम उठा सकता है और राज्य पीसीबी के पास दंडात्मक कार्रवाई के जो अधिकार हैं, उसके तहत जुर्माना भी वसूल सकता है। कार्य योजना तैयार कर जुर्माना रकम का इस्तेमाल पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई के लिए हो सकता है।’’

एनजीटी ने पूर्व में कहा था कि हरियाणा के पानीपत को-ऑपरेटिव शुगर एंड डिस्टिलरी यूनिट में पर्यावरण के नियमों का उल्लंघन हुआ है। एनजीटी की पीठ चीनी मिल द्वारा प्रदूषण के खिलाफ प्रमोद देवी और अन्य द्वारा दाखिल एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में कहा गया कि इस मिल में पुराना ब्वॉयलर का इस्तेमाल होता है जिसके सही से काम नहीं करने के कारण वायु प्रदूषण होता है। याचिका के मुताबिक सीपीसीबी द्वारा बंद करने के लिए नोटिस जारी करने के बावजूद मिल के चालू रहने से वायु और जल प्रदूषण हो रहा है।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप


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