एनजीटी का गाजियाबाद जिला मजिस्ट्रेट को हरित पट्टी क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने का निर्देश

Ads

एनजीटी का गाजियाबाद जिला मजिस्ट्रेट को हरित पट्टी क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने का निर्देश

  •  
  • Publish Date - September 1, 2021 / 04:10 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:22 PM IST

नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने गाजियाबाद के जिला मजिस्ट्रेट को हरित पट्टी क्षेत्र में हुए अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है। इस हरित क्षेत्र में ‘उद्योग भवन’ नाम की एक निजी इमारत बनी हुई है।

अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट का खंडन करने के लिए कोई तथ्य नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जो निर्माण किया गया है वह हरित क्षेत्र में अवैध एवं अतिक्रमणकारी है, मास्टर प्लान का उल्लंघन है और नगर निगम की आवश्यक अनुमति के बगैर किया गया है।

एनजीटी ने कहा, ‘‘हम जिला मजिस्ट्रेट, गाजियाबाद को निर्देश देते हैं कि गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की मदद से अतिक्रमण तुरंत हटाएं और हरित क्षेत्र को बहाल करें।’’ पीठ ने उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिवक्ता की बात पर भी गौर किया और कहा, ‘‘ऐसा नहीं करने की स्थिति में गाजियाबाद के जिला मजिस्ट्रट एवं एसएसपी के खिलाफ व्यक्तिगत तौर पर दंडात्मक कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह जाएगा।’’

पीठ ने जिला मजिस्ट्रेट को हरित क्षेत्र में सार्वजनिक भूमि पर किए गए अतिक्रमण के एवज में क्षतिपूर्ति का आकलन करने और इसे वसूलने का भी निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि क्षतिपूर्ति के अंतिम आकलन तक उल्लंघनों के लिए एक महीने के भीतर अंतरिम क्षतिपूर्ति के रूप में दस लाख रूपये जमा करवाए जाएं।

अतिक्रमण करने वाले ‘इंडस्ट्रीयल एरिया मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन’ ने कहा कि हरित पट्टी में निर्माण वाणिज्यिक इमारत का नहीं है बल्कि यह तो एक सार्वजनिक इमारत है जिसका इस्तेमाल मोटे तौर पर जनता ही करती है।

अधिकरण पत्रकार सुनील कुमार शर्मा की याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें कहा गया है कि हरित पट्टी में जो निर्माण है वह मास्टर प्लान का उल्लंघन है और अतिक्रमण है।

भाषा मानसी अनूप

अनूप