एनआईए अदालत ने आईएसआईएस से जुड़े आतंकी साजिश मामले में व्यक्ति को सुनाई सात साल की सजा
एनआईए अदालत ने आईएसआईएस से जुड़े आतंकी साजिश मामले में व्यक्ति को सुनाई सात साल की सजा
बेंगलुरु, 30 अगस्त (भाषा) एनआईए की अदालत ने एक व्यक्ति को आईएसआईएस से जुड़ी आतंकी साजिश में शामिल होने के लिए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उसे सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से लक्षित हत्याओं की साजिश रचने में शामिल होने का दोषी ठहराया था।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की जांच के अनुसार, इस साजिश का मास्टरमाइंड मुख्य आरोपी महबूब पाशा था। उसने बेंगलुरु के गुरप्पनपाल्या स्थित अपने आवास पर कई बैठकें आयोजित की थीं।
एनआईए के रविवार को जारी बयान में कहा गया कि इन बैठकों में आरोपियों ने सांप्रदायिक दंगे भड़काने और प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस के राष्ट्रविरोधी एजेंडा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लक्षित हत्याओं की साजिश रची थी।
बयान में कहा गया कि दोषी करार दिए गए आरोपी सैयद फसिउर रहमान उर्फ सैयद फसीह उर रहमान ने इन साजिश संबंधी बैठकों में हिस्सा लिया था। उसने अल-हिंद समूह के सदस्यों के जंगल प्रशिक्षण शिविर के लिए डेकाथलॉन स्पोर्ट्स स्टोर से टेंट और चाकू खरीदे थे।
एनआईए ने कहा कि इस साजिश का मकसद आईएसआईएस/दाएश का एक ‘विलायाह’ (प्रशासनिक क्षेत्र या प्रांत) स्थापित करना था।
रहमान को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है और उस पर 48 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
यह मामला शुरुआत में कर्नाटक पुलिस ने 10 जनवरी, 2020 को बेंगलुरु में दर्ज किया था। इसके बाद उसी साल 23 जनवरी को एनआईए ने मामले को अपने हाथ में लेते हुए इसे फिर से दर्ज किया।
अब तक एनआईए ने 20 आरोपियों के खिलाफ तीन आरोपपत्र दाखिल किए हैं। इससे पहले, 14 जुलाई, 2026 को हनीफ खान को दोषी ठहराया गया था। उसने अक्टूबर 2025 में शुरू हुई सुनवाई के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया था।
भाषा आशीष रंजन
रंजन

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