डब्ल्यूटीओ नियमों के तहत भारत के खिलाफ नौ व्यापारिक विवाद लंबित : जितिन प्रसाद
डब्ल्यूटीओ नियमों के तहत भारत के खिलाफ नौ व्यापारिक विवाद लंबित : जितिन प्रसाद
नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) सरकार ने मंगलवार को संसद को बताया कि भारत के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के तहत फिलहाल नौ व्यापारिक विवाद लंबित हैं, जिनमें जापान, ब्राजील और ऑस्ट्रेलिया की ओर से दायर मामले भी शामिल हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि इन मामलों में भारत के हितों की पैरोकारी और कानूनी सहायता के लिए वाणिज्य विभाग ‘सेंटर फॉर ट्रेड एंड इनवेस्टमेंट लॉ’ (सीटीआईएल), ‘सेंटर फॉर डब्ल्यूटीओ स्टडीज’ (सीडब्ल्यूएस) तथा सूचीबद्ध ‘लॉ फर्म’ की सेवाएं लेता है।
उन्होंने बताया कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, इन नौ विवादों से संबंधित मामलों में कानूनी फर्म की सेवाओं पर अब तक लगभग 2.43 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
मंत्री ने बताया कि कार्यवाही अभी जारी है, इसलिए आगे का खर्च संबंधित मामलों की प्रगति और आवश्यकता पर निर्भर करेगा।
प्रसाद ने कहा कि डब्ल्यूटीओ के विवाद निपटान समझौते के तहत भारत के खिलाफ वर्तमान में नौ मामले लंबित हैं।
मंत्री के अनुसार, इनमें जापान ने दो, चीन ने दो, जबकि ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, ग्वाटेमाला, यूरोपीय संघ और चीनी ताइपे ने एक-एक शिकायत दायर की है।
विवाद:
1) लौह एवं इस्पात उत्पादों के आयात पर भारत द्वारा किये गए उपाय
जापान ने मई 2019 में, भारत द्वारा कुछ लौह एवं इस्पात उत्पादों के संबंध में किये गए उपायों को चुनौती दी थी।
2) चीनी और गन्ना क्षेत्र के संबंध में भारत द्वारा किये गए उपाय
ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और ग्वाटेमाला ने भारत द्वारा गन्ना किसानों को दी जाने वाली घरेलू सहायता और चीनी निर्यात से जुड़े प्रोत्साहन को चुनौती दी है। उनका आरोप है कि ये उपाय कृषि समझौते तथा सब्सिडी एवं प्रतिकारी उपाय समझौते के प्रावधानों के अनुरूप नहीं हैं।
3) सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) उत्पादों पर शुल्क
यूरोपीय संघ, जापान और चीनी ताइपे ने भारत द्वारा कुछ आईसीटी उत्पादों पर लगाए गए सीमा शुल्क को चुनौती दी है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि भारत ने डब्ल्यूटीओ में निर्धारित अधिकतम सीमा से अधिक शुल्क लगाया है।
4) ऑटोमोबाइल और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े मामले
चीन ने उन्नत बैटरी भंडारण, ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कलपुर्जों, इलेक्ट्रिक यात्री कारों, उच्च दक्षता वाले सौर फोटोवोल्टिक मॉड्यूल और कुछ प्रौद्योगिकी उत्पादों पर लागू शुल्क से संबंधित उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं को चुनौती दी है।
चीन का आरोप है कि ये उपाय डब्ल्यूटीओ के सब्सिडी एवं प्रतिकारी उपाय समझौते, शुल्क एवं व्यापार पर सामान्य समझौता (गैट) 1994 तथा व्यापार-संबंधी निवेश उपाय (ट्रिम्स) समझौते के अनुरूप नहीं हैं।
मंत्री ने कहा कि भारत ने इन उपायों का बचाव करते हुए कहा है कि वे डब्ल्यूटीओ समझौतों के तहत उसके अधिकारों और दायित्वों के अनुरूप हैं। ये उपाय फिलहाल लागू हैं और विवाद निपटान पैनल के समक्ष कार्यवाही जारी है।
इसके अलावा, चीन ने सौर सेल, सौर मॉड्यूल और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारत द्वारा किये गए उपायों के खिलाफ भी एक अलग मामला दायर किया है। इस मामले में डब्ल्यूटीओ ने अभी तक विवाद निपटान पैनल का गठन नहीं किया है।
भाषा सुभाष वैभव
वैभव

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