मानस राष्ट्रीय उद्यान में तीन वर्षों से गैंडे और बाघ के शिकार का कोई मामला नहीं: असम मुख्यमंत्री

मानस राष्ट्रीय उद्यान में तीन वर्षों से गैंडे और बाघ के शिकार का कोई मामला नहीं: असम मुख्यमंत्री

मानस राष्ट्रीय उद्यान में तीन वर्षों से गैंडे और बाघ के शिकार का कोई मामला नहीं: असम मुख्यमंत्री
Modified Date: June 16, 2026 / 03:54 pm IST
Published Date: June 16, 2026 3:54 pm IST

गुवाहाटी, 16 जून (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि राज्य के मानस राष्ट्रीय उद्यान में पिछले तीन वर्षों के दौरान गैंडे और बाघ के शिकार का एक भी मामला सामने नहीं आया है।

मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य में वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता को बचाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों को दिया।

शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मानस राष्ट्रीय उद्यान में लगातार तीन वर्षों से गैंडे और बाघ के शिकार का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।”

उन्होंने कहा, “एक समय था जब अवैध शिकार की घटनाएं अखबारों की सुर्खियां बनती थीं, और आज स्थिति यह है कि शिकार का एक भी मामला न होना सामान्य बात बन गई है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि हमारे वन्यजीवों और जैव विविधता के संरक्षण के लिए असम द्वारा किए गए अथक प्रयासों का प्रमाण है।”

यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल मानस राष्ट्रीय उद्यान लगभग 850 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है।

चार रेंज में विभाजित यह राष्ट्रीय उद्यान एवं बाघ अभयारण्य पूर्वी हिमालय की तलहटी में पश्चिमी असम के बक्सा जिला और चिरांग जिला में स्थित है।

भाषा

सुमित खारी

खारी


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