बेंगलुरु, 10 अगस्त (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने सोमवार को कहा कि हाल में मंत्रिमंडल में शामिल किए गए मंत्रियों को विभागों के आवंटन को लेकर कोई असमंजस नहीं है और यह प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी।
परमेश्वर ने कहा कि मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करने के लिए नयी दिल्ली गए हैं और उनके लौटने के बाद विभागों के आवंटन की घोषणा की जा सकती है।
उपमुख्यमंत्री ने संवाददाताओं के एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘कोई असमंजस नहीं है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा के बाद यह प्रक्रिया पूरी की जानी है। मुख्यमंत्री दिल्ली गए हैं और आज लौट रहे हैं। मेरा मानना है कि उनके लौटने के बाद वह इसकी घोषणा कर सकते हैं।’’
यह पूछे जाने पर कि यदि मंत्रियों को अब विभाग आवंटित किए जाते हैं तो क्या आगामी विधानसभा सत्र के दौरान उनके लिए प्रश्नों की तैयारी कर उत्तर देना मुश्किल होगा, परमेश्वर ने कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं होगी, क्योंकि सभी मंत्री समर्थ हैं और वरिष्ठ मंत्री उनकी मदद के लिए मौजूद रहेंगे।
परमेश्वर ने कहा, ‘‘जो पहली बार मंत्री बने हैं, उन्हें शुरुआत में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन अधिकारी उन्हें आवश्यक जानकारी देंगे। समय के साथ वे चीजों को समझ जाएंगे। जब हम नए मंत्री बने थे, तब हमें भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रशासन चलाने की प्रक्रिया समझ में आने के बाद सब ठीक हो जाता है। चूंकि वे सभी विधायक हैं, इसलिए उनके लिए चीजें बिल्कुल नयी नहीं होंगी।’’
शिवकुमार रविवार शाम से दिल्ली में हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल से चर्चा की थी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार ने मंत्रिमंडल में तीन अगस्त को शामिल किए गए 19 नए मंत्रियों को विभागों के आवंटन को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा की है।
सूत्रों के अनुसार, इसकी भी संभावना है कि शिवकुमार ने मंत्रिमंडल में मामूली फेरबदल पर चर्चा की होगी। इसके तहत कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाकर उन नाराज विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह देने का रास्ता बनाया जा सकता है, जो मंत्री पद की अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
शिवकुमार के मंत्रिमंडल में फिलहाल कोई महिला प्रतिनिधित्व नहीं होने के कारण मुख्यमंत्री पर मंत्री का एक खाली पद किसी महिला को देने का दबाव बढ़ रहा है।
भाषा आशीष सुरेश
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