नयी दिल्ली, दस अगस्त (भाषा) नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर कांग्रेस और कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने सोमवार को राज्यसभा से बहिर्गमन किया।
तीन बार के स्थगन के बाद दो बज कर पंद्रह मिनट पर सदन की कार्यवाही शुरू होने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026’ को चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया।
इसी बीच कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग की और विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन कर गए।
विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विपक्ष ने सुधारों से जुड़े विधेयक पर बहस के दौरान बहिर्गमन किया, यह दुखद है।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे विधेयकों में विपक्ष को हिस्सा लेना चाहिए। ये बहुत जानकारी देने वाले होते हैं… ये देश को तेजी से आगे बढ़ने में मदद करेंगे और इन पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, सिवाय इसके कि कोई सुधार के सुझाव देना चाहता हो।’’
सीतारमण ने कहा, ‘‘यह बहुत दुखद स्थिति है कि विपक्ष ऐसे मुद्दों पर होने वाली बहस से वॉकआउट कर रहा है।’’
‘बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026’ का उद्देश्य अदालतों में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग रिकॉर्ड को साक्ष्य के रूप में स्वीकार करने की प्रक्रिया को आधुनिक तथा स्पष्ट बनाना है।
विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दिन में पहले ही तीन बार स्थगित की जा चुकी थी।
भाषा
मनीषा अविनाश
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