नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह हर महीने के पहले और तीसरे शनिवार को अदालत में सुनवाई के अपने फैसले को फिलहाल लागू नहीं किया जाएगा।
उच्च न्यायालय प्रशासन ने एक अधिसूचना में कहा कि मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय द्वारा गठित एक समिति इस मुद्दे पर विचार करेगी।
अधिसूचना में कहा गया, ‘‘नौ जुलाई 2026 को हुई पूर्ण पीठ की बैठक में फैसला किया गया कि हर महीने के पहले और तीसरे शनिवार को अदालत में कामकाज का दिन घोषित करने संबंधी पूर्ण पीठ के 22 दिसंबर 2025 के पूर्व निर्णय को फिलहाल लागू नहीं किया जाए। यह निर्णय 15 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना के माध्यम से घोषित किया गया था। इस मुद्दे से जुड़े सभी पहलुओं पर मुख्य न्यायाधीश द्वारा गठित समिति विचार करेगी।’’
इससे पहले उच्च न्यायालय प्रशासन ने 15 जनवरी को अधिसूचना जारी कर कहा था कि 22 दिसंबर 2025 को पूर्ण पीठ द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार हर महीने के पहले और तीसरे शनिवार को अदालत में कामकाज होगा।
इस फैसले से पहले उच्च न्यायालय में शनिवार और रविवार को छोड़कर सप्ताह में पांच दिन काम होता था।
दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन ने इस फैसले का विरोध किया था और वकीलों से इन दोनों शनिवार काम नहीं करने का आह्वान किया था।
एसोसिएशन ने कहा था कि पहले और तीसरे शनिवार को अदालत में कामकाज होने से ‘‘गंभीर व्यावहारिक कठिनाइयां’’ पैदा होंगी।
उसने कहा था कि इस व्यवस्था से वकीलों के पेशेवर कार्यक्रम बुरी तरह प्रभावित होंगे, जिनमें विभिन्न न्यायाधिकरणों, मध्यस्थता कार्यवाही, सुलह प्रक्रिया और दिल्ली से बाहर की अदालतों में पेशी शामिल है।
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सिम्मी माधव
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