नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने बुधवार को स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान केवल इसलिए किसी मतदाता का नाम स्वत: नहीं हटाया जाएगा कि उसका नाम 2002 में हुए पिछले एसआईआर की मतदाता सूची में दर्ज नहीं था।
कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मसौदा मतदाता सूची से नाम हटने के केवल दो कारण होंगे-17 अगस्त की समयसीमा तक भरे हुए गणना प्रपत्र जमा नहीं करना या मतदान के लिए पात्र नहीं होना।
घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन और गणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण के बाद दिल्ली की मसौदा मतदाता सूची 24 अगस्त को प्रकाशित की जाएगी।
सीईओ कार्यालय ने यह स्पष्टीकरण आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता सोमनाथ भारती की उस चिंता के बाद दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि 1997 में आईआईटी से स्नातक करने और दिल्ली में कानून की पढ़ाई करने के बावजूद उन्हें 2002 की मतदाता सूची में अपना नाम नहीं मिला।
भारती ने इसको लेकर चिंता जताई थी कि दिल्ली में 20 से 30 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने की अफवाहें हैं।
सीईओ कार्यालय ने कहा कि यदि किसी मतदाता को पिछले एसआईआर में अपना नाम नहीं मिलता है तो वह अपने माता-पिता या दादा-दादी (पैतृक और मातृ पक्ष दोनों) जैसे रिश्तेदारों का विवरण उपलब्ध करा सकता है।
कार्यालय ने कहा कि यदि कोई मतदाता 2002 के एसआईआर में अपने रिश्तेदारों का नाम भी नहीं खोज पाता है तो वह उपलब्ध विवरण के साथ गणना प्रपत्र बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को डिजिटलीकरण के लिए जमा कर सकता है और ‘‘उसका नाम मसौदा सूची में शामिल किया जाएगा।’’
मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद ऐसे मतदाताओं को 24 अगस्त से 23 सितंबर के बीच निर्वाचन अधिकारियों द्वारा नोटिस जारी किए जाएंगे।
सीईओ कार्यालय ने कहा कि नोटिस मिलने के बाद जिन मतदाताओं को 2002 के एसआईआर में अपना विवरण नहीं मिला है, उन्हें आवश्यक दस्तावेज निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे, ताकि उनका नाम 27 अक्टूबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में बना रहे।
वर्ष 2002 में हुए पिछले एसआईआर की मतदाता सूची को सीईओ दिल्ली की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। लोग पोर्टल पर ‘‘विवरण के आधार पर खोजें’’, ‘‘ईपीआईसी नंबर के आधार पर खोजें’’ या ‘‘मतदान केंद्र’’ जैसे विकल्पों के जरिए पिछले एसआईआर से संबंधित जानकारी हासिल कर सकते हैं।
दिल्ली में अन्य राज्यों से आकर 2002 के बाद मतदाता के रूप में पंजीकृत हुए लोगों को अपने संबंधित राज्यों में हुए पिछले एसआईआर (2002/2003/2005) का विवरण उपलब्ध कराना होगा।
भाषा अमित नरेश
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