Rahul Gandhi On Jantar Mantar : ‘गुंडे भेजे, बच्ची को डराया और माफी मंगवाई…’ राहुल गांधी का बड़ा दावा, छात्रों के साथ खोला मोर्चा

Ads

जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि छात्रों के साथ मारपीट की गई और 15 साल की एक बच्ची से दबाव बनाकर माफी मंगवाई गई। छात्रों ने भी मंच से अपनी आपबीती साझा की।

  •  
  • Publish Date - August 5, 2026 / 08:47 PM IST,
    Updated On - August 5, 2026 / 08:54 PM IST
HIGHLIGHTS
  • राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
  • प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने अनुभव साझा किए।
  • राहुल गांधी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और युवाओं से संवाद की मांग की।

नई दिल्ली : Rahul Gandhi On Jantar Mantarदिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर हुई कार्रवाई को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उनके साथ प्रदर्शन में शामिल छात्र भी मौजूद थे। राहुल गांधी ने सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हक की आवाज उठा रहे युवाओं को पीटा गया, धमकाया गया और उनके साथ बर्बरता की गई इतना ही नहीं, 15 साल की एक बच्ची पर दबाव बनाकर जबरन माफी भी मंगवाई गई, जिसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रिया अहिर ने साझा की आपबीती

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद छात्रों ने अपनी आपबीती सुनाई। छात्रा रिया अहिर ने बताया कि वे शांति से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने छात्रों के साथ मारपीट की। उन्होंने अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों और अश्लील ट्रोलिंग पर भी आपत्ति जताई। वहीं झारखंड की नूतन तोपू और अन्य प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पुलिस और सुरक्षा बलों ने प्रदर्शन रोक रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया और पैलेट गन का इस्तेमाल किया।

शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाना कोई अपराध नहीं है

राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक और ध्वस्त शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाना कोई अपराध नहीं है। सरकार को डराने-धमकाने के बजाय युवाओं से बात करके परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाना चाहिए। राहुल गांधी और प्रदर्शनकारी छात्रों ने एक सुर में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग पूरी तरह गलत है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मांग की गई कि सरकार युवाओं की समस्याओं को सुने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार करके उनके भविष्य को सुरक्षित करे।

इन्हें भी पढ़ें:-