किसानों के लिए पूर्ण ऋण माफी का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं: सीतारमण

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किसानों के लिए पूर्ण ऋण माफी का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं: सीतारमण

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  • Publish Date - March 23, 2026 / 09:51 PM IST,
    Updated On - March 23, 2026 / 09:51 PM IST

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संसद को बताया कि किसानों के लिए पूर्ण ऋण माफी का कोई प्रस्ताव केंद्र के समक्ष विचाराधीन नहीं है।

उन्होंने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि सरकार ने किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई उपाय किए हैं, जिनमें किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से समय पर और पर्याप्त ऋण उपलब्ध कराना शामिल है।

उन्होंने कहा कि इसके जरिये संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना (एमआईएसएस) के तहत रियायती ब्याज दरों पर 3 लाख रुपये तक का फसल ऋण प्रदान किया जाता है, साथ ही समय पर पुनर्भुगतान के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिए जाते हैं।

इसके अलावा, सरकार ने कृषि संबंधी अल्पकालिक ऋणों (संबद्ध गतिविधियों के लिए ऋणों सहित) को बिना गारंटी के 1.60 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.00 लाख रुपये कर दिया है और कृषि सहित अर्थव्यवस्था के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में बैंकिंग प्रणाली से पर्याप्त ऋण प्रवाह सुनिश्चित किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने फसल बीमा और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के माध्यम से भूमिधारक किसानों को प्रत्यक्ष नकद अंतरण की शुरुआत की है।

एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में, सीतारमण ने कहा कि सशस्त्र बलों के उन सदस्यों द्वारा प्राप्त विकलांगता पेंशन के संबंध में छूट, जो सैन्य सेवा के दौरान विकलांगता के कारण सेवा से अयोग्य घोषित कर दिए गए हों, आयकर अधिनियम, 1922 के तहत निर्धारित ढांचे के अनुसार अधिसूचना संख्या 878-एफ (आयकर) दिनांक 21 मार्च 1922 के माध्यम से मौजूद है।

वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उक्त कर छूट को समाप्त नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके विपरीत, वित्त विधेयक, 2026 में आयकर अधिनियम, 2025 के तहत विकलांगता पेंशन के संबंध में एक विशिष्ट छूट का स्पष्ट प्रावधान करने का प्रस्ताव है।’’

वित्त मंत्री ने एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि हाल में पेश किए गए केंद्रीय बजट में ‘स्वामी’ निवेश कोष द्वितीय की घोषणा की गई थी और इसे औपचारिक रूप से शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है।

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य उन परेशान घर खरीदारों को राहत प्रदान करना है जिनके निवेश अटके हुए हैं।

बजट 2026-27 में विभिन्न शहरों में रुकी हुई आवास परियोजनाओं में 1 लाख इकाइयों को पूरा करने के लिए 15,000 करोड़ रुपये के नये ‘स्वामी कोष’ की घोषणा की गई है।

सीतारमण ने कहा कि 31 जनवरी 2026 तक, किफायती और मध्यम आय आवास निवेश कोष के लिए विशेष व्यवस्था (स्वामी) के तहत 148 परियोजनाओं में निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई है।

भाषा सुभाष अविनाश

अविनाश

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