राहुल के दावे पर निर्वाचन आयोग ने कहा, कोई भी वोट ऑनलाइन नहीं हटाया जा सकता

राहुल के दावे पर निर्वाचन आयोग ने कहा, कोई भी वोट ऑनलाइन नहीं हटाया जा सकता

राहुल के दावे पर निर्वाचन आयोग ने कहा, कोई भी वोट ऑनलाइन नहीं हटाया जा सकता
Modified Date: September 18, 2025 / 09:50 pm IST
Published Date: September 18, 2025 9:50 pm IST

नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘वोट चोरों’ की रक्षा करने के कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों को गलत और निराधार बताया।

निर्वाचन आयोग ने जोर देकर कहा कि संबंधित व्यक्ति का पक्ष सुने बिना कोई भी नाम हटाया नहीं जा सकता।

गांधी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर ‘वोट चोरों’ और लोकतंत्र को नष्ट करने वाले लोगों को बचाने का आरोप लगाया और कर्नाटक विधानसभा क्षेत्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि चुनाव से पहले कांग्रेस समर्थकों के वोट व्यवस्थित रूप से हटाए जा रहे थे।

निर्वाचन आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि असफल प्रयास किए गए थे और इस संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की गई और संबंधित विवरण राज्य सरकार की सीआईडी ​​के साथ साझा किए गए।

आयोग ने कहा, ‘‘राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप गलत और निराधार हैं। किसी भी वोट को ऑनलाइन किसी भी व्यक्ति द्वारा हटाया नहीं जा सकता, जैसा कि गांधी ने गलत धारणा बनाई है।’’

निर्वाचन आयोग ने बताया कि 2023 में आलंद विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के नाम हटाने के ‘कुछ असफल प्रयास’ किए गए थे और मामले की जांच के लिए निर्वाचन आयोग के ही एक अधिकारी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

आयोग ने कहा, ‘‘रिकॉर्ड के अनुसार, आलंद विधानसभा क्षेत्र से 2018 में सुभाध गुट्टेदार (भाजपा) और 2023 में बीआर पाटिल (कांग्रेस) ने जीता था।’’

इसके अलावा गांधी की इस मांग पर कि आलंद मामले से संबंधित सबूत कर्नाटक सीआईडी ​​को सौंपे जाएं, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग के पास उपलब्ध सभी जानकारी छह सितंबर, 2023 को कलबुर्गी के पुलिस अधीक्षक के साथ साझा की जा चुकी है।’’

उन्होंने बताया कि आलंद के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को फॉर्म सात के रूप में 6,018 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें दिसंबर 2022 के दौरान एनवीएसपी, वीएचए और जीएआरयूडीए जैसे विभिन्न ऐप का उपयोग करके ऑनलाइन जमा किया गया था।

उन्होंने बताया कि आलंद सीट पर मतदाताओं के नाम हटाने के लिए ऑनलाइन जमा किए गए इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों की सत्यता पर संदेह होने के कारण, चुनाव अधिकारियों द्वारा प्रत्येक आवेदन का सत्यापन किया गया।

उन्होंने बताया कि केवल 24 आवेदन ही सही पाए गए और 5,994 आवेदन गलत पाए गए। तदनुसार, 24 आवेदन स्वीकार कर लिए गए और 5,994 गलत आवेदनों को अस्वीकार कर दिया गया।

जांच ​​के निष्कर्षों के आधार पर, ईआरओ ने 21 फरवरी, 2023 को कलबुर्गी जिले के आलंद पुलिस थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई।

उन्होंने कहा, ‘‘ निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों के आधार पर कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जांच पूरी करने के लिए छह सितंबर, 2023 को कलबुर्गी जिले के पुलिस अधीक्षक को निर्वाचन आयोग के पास उपलब्ध सभी जानकारी सौंप दी।’’

भाषा संतोष माधव

माधव


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