नोएडा: अदालत ने गैंगस्टर रवि काना को अग्रिम जमानत दी

नोएडा: अदालत ने गैंगस्टर रवि काना को अग्रिम जमानत दी

नोएडा: अदालत ने गैंगस्टर रवि काना को अग्रिम जमानत दी
Modified Date: February 12, 2026 / 12:44 am IST
Published Date: February 12, 2026 12:44 am IST

नोएडा, 11 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले की एक अदालत ने बुधवार को जबरन वसूली के एक मामले में कथित गैंगस्टर रवि काना को अग्रिम जमानत दे दी।

अदालत ने आदेश दिया कि गिरफ्तारी की स्थिति में काना उर्फ ​​रवि नागर को 35,000 रुपये के निजी मुचलके और एक जमानती पेश करने पर रिहा कर दिया जाए।

इसने शर्तें लगाईं कि वह (रवि काना) गवाहों या मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति को प्रभावित नहीं करेगा, नोटिस का इंतजार किए बिना सात दिनों के भीतर जांच अधिकारी के सामने पेश होगा और जांच में सहयोग करेगा।

अदालत ने रवि काना के अधीनस्थ न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना देश छोड़ने पर भी रोक लगा दी।

रवि काना ने 29 जनवरी को बांदा जेल से रिहा होने के बाद अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।

सेक्टर 63 थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के समय वह बांदा की जेल में बंद था।

यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351 (आपराधिक धमकी), 308 (जबरन वसूली) और 3(5) (सामान्य इरादे से कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कृत्य) के तहत दर्ज किया गया था।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान नोएडा पुलिस द्वारा जारी बी वारंट के बावजूद रवि काना की रिहाई के संबंध में बांदा जेल अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा था।

ए बी-वारंट या बी-फॉर्म वारंट अदालत द्वारा किसी अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में रखे गए व्यक्ति को जांच, रिमांड या मुकदमे में पेश करने के लिए जारी किया जाता है।

वकील ललित मोहन गुप्ता ने रवि काना का पक्ष रखा जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी (अपराध) ब्रह्मजीत सिंह उपस्थित हुए।

अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली।

भाषा जितेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल


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