नोएडा: पंजाब नेशनल बैंक के पांच बड़े अधिकारियों पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप, मुकदमा दर्ज

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नोएडा: पंजाब नेशनल बैंक के पांच बड़े अधिकारियों पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप, मुकदमा दर्ज

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  • Publish Date - February 8, 2026 / 12:41 PM IST,
    Updated On - February 8, 2026 / 12:41 PM IST

नोएडा, आठ फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के नोएडा-सेक्टर 49 में पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) के पांच अधिकारियों के खिलाफ 60 करोड़ रुपये की संपत्ति को हड़पने की कथित तौर पर साजिश रचने के लिए मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि एक होटल व्यापारी की याचिका पर अदालत के आदेश के बाद यह मुकदमा दर्ज किया गया।

थाना सेक्टर 49 के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार भारद्वाज ने बताया कि शनिवार रात को नोएडा सेक्टर-47 निवासी होटल कारोबारी अनिल बब्बर (66) की शिकायत पर बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख रविंद्र कुमार पांडे, क्षेत्रीय प्रबंधक प्रिया रंजन, शाखा प्रबंधक नरेंद्र सिंह बिष्ट, जोनल हेड एसएन दुबे और एमसीसी हेड मनीष कश्यप के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश रचने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस ने बताया कि तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120 बी, 420, 467, 468, 471 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

शिकायकर्ता के मुताबिक, उसने 2013 में हरिद्वार स्थित पीएनबी की एक शाखा से होटल खरीदने और संचालन के लिए 9.5 करोड़ रुपये का ‘टर्म लोन’ लिया था और उस समय नौ प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर तय हुई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि उन्होंने 2016 तक 13 करोड़ रुपये बैंक को चुका दिया लेकिन हैरानी तब हुई, जब बैंक ने अचानक ब्याज दर नौ से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी और उन पर पांच करोड़ रुपये का अतिरिक्त बकाया दिखा दिया।

शिकायतकर्ता ने जब दबाव बनाया तो बैंक ने अपनी गलती स्वीकार की और 2019 में सिर्फ 30.50 लाख रुपये वापस किये।

पीड़ित कारोबारी ने बताया कि उनके होटल की वर्तमान बाजार कीमत करीब 60 करोड़ रुपये है लेकिन बैंक अधिकारियों ने संपत्ति का मूल्यांकन केवल 23 करोड़ रुपये दिखाया।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि अधिकारी अब ‘सरफेसी एक्ट’ की आड़ में 60 करोड़ की संपत्ति को अपने किसी चहेते के नाम पर केवल 20 करोड़ रुपये में नीलाम करने की तैयारी कर रहे हैं।

शिकायतकर्ता ने पांचों आरोपियों पर उनके लोन दस्तावेजों में हेराफेरी का आरोप लगाया और अदालत का रुख किया, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।

भाषा सं जितेंद्र

जितेंद्र