एसएफआई पदाधिकारी आइशी घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट रद्द

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एसएफआई पदाधिकारी आइशी घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट रद्द

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  • Publish Date - July 30, 2026 / 12:51 PM IST,
    Updated On - July 30, 2026 / 12:51 PM IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने 2021 के एक मामले में एसएफआई की संयुक्त सचिव आइशी घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट बृहस्पतिवार को रद्द कर दिया।

स्टुडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) वाम दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की छात्र ईकाई है।

अदालत में घोष के पेश होने के बाद न्यायिक दंडाधिकारी विजयश्री राठौर ने घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट रद्द कर दिए।

इससे पहले बुधवार को, अदालत ने उनके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट पर रोक लगा दी थी। घोष के वकील ने अदालत को सूचित किया था कि ‘‘अपरिहार्य परिस्थितियों’’ के कारण उनकी मुवक्किल सुनवाई की पिछली तारीख पर पेश नहीं हो सकी थीं।

यह मामला घोष के खिलाफ 2021 में बाराखंबा रोड पुलिस थाना में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। पुलिस ने पूर्व में लागू भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 188 (सरकारी कर्मचारी के आदेश का पालन न करना), 447 (आपराधिक अतिक्रमण) और 34 (साझा मंशा) के तहत यह प्राथमिकी दर्ज की है।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 21 नवंबर को सूचीबद्ध की है।

भाषा धीरज सिम्मी

सिम्मी