Chicken Biryani in Mid Day Meal: ‘स्कूली बच्चों को मध्याह्न भोजन में मिलेगी चिकन बिरयानी’ शिक्षा मंत्री ने पेश किया प्रस्ताव, जानिए कब से मेन्यू में होगा शामिल

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Chicken Biryani in Mid Day Meal: 'स्कूली बच्चों को मध्याह्न भोजन में मिलेगी चिकन बिरयानी' शिक्षा मंत्री ने पेश किया प्रस्ताव, जानिए कब से मेन्यू में होगा शामिल

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  • Publish Date - July 30, 2026 / 01:55 PM IST,
    Updated On - July 30, 2026 / 01:56 PM IST

Chicken Biryani in Mid Day Meal: 'स्कूली बच्चों को मध्याह्न भोजन में मिलेगी चिकन बिरयानी' शिक्षा मंत्री ने पेश किया प्रस्ताव, जानिए कब से मेन्यू में होगा शामिल / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • मिड-डे मील में सप्ताह में एक दिन चिकन बिरयानी शामिल करने का प्रस्ताव
  • प्रस्ताव पर अभी अंतिम फैसला नहीं
  • बच्चों को दो वक्त का पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर सरकार का जोर

बेंगलुरु: Chicken Biryani in Mid Day Meal बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए केंद्र और राज्य की सरकारें कई तरह की योजनाएं चला रही है। इनमें एक योजना मध्याह्न भोजन योजना के नाम से संचालित की जाती है, जिसके तहत स्कूली बच्चों को पोषण आहार प्रदान किया जाता है। मिड-डे मील स्कीम के तहत हफ्ते भर का पूरा मेन्यू तैयार रहता है और उसी के हिसाब से बच्चों को आहार दिया जाता है। पोषण आहार के मेन्यू में अब चिकन बिरयानी शामिल होने वाला है, जिसके लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। बता दें कि पश्चिम बंगाल में मिड डे मिल में अंडा परोसे जाने को लेकर जमकर बवाल होने के बाद अब इसे मेन्यू से हटा दिया गया है। अब देखने वाली बात होगी कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय सरकार के इस फैसले विपक्षी दलों की क्या प्रतिक्रिया रहती है।

मध्याह्न भोजन में चिकन बिरयानी

Chicken Biryani in Mid Day Meal मिली जानकारी के अनुसार तमिलनाडु के शिक्षा मंत्री राज मोहन ने सीएम सी. जोसेफ विजय के सामने मिड डे मिल में एक हफ्ते के भीतर चिकन बिरयानी परोसने का का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने अपने प्रस्ताव में कहा कि राज्य के हर बड़े राजनीतिक दौर ने अपने तरीके से स्कूली पोषण कार्यक्रम को मजबूत किया है। उन्होंने याद दिलाया कि के. कामराज ने सबसे पहले मिड-डे मील योजना की शुरुआत की थी। इसके बाद कलाईग्नार करुणानिधि ने इसमें अंडे जोड़े, एमजीआर ने इसे पौष्टिक भोजन कार्यक्रम में बदला और जयललिता ने पूरे हफ्ते अंडे बांटने की व्यवस्था को आगे बढ़ाया। मंत्री ने कहा कि इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उनकी इच्छा है कि अब सरकारी स्कूलों में हफ्ते में एक दिन बच्चों को चिकन बिरयानी दी जाए।

कल्याणकारी योजनाओं की नींव

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह प्रस्ताव फिलहाल मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के विचाराधीन है। हालांकि, इस पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है और प्रशासनिक स्तर पर इसके विभिन्न पहलुओं का आकलन किया जा रहा है। बता दें तमिलनाडु को हमेशा से देश में स्कूली पोषण कार्यक्रमों का ध्वजवाहक माना जाता रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज द्वारा शुरू की गई इस मध्याह्न भोजन योजना ने देश भर में कल्याणकारी योजनाओं की नींव रखी थी। इसके बाद आने वाली हर सरकार ने भोजन की पौष्टिकता और उसके मेन्यू में लगातार सुधार कर इसे और बेहतर बनाया।

स्कूल में दो वक्त का पौष्टिक भोजन

इसी कड़ी में सितंबर 2022 में तत्कालीन डीएमके सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों के लिए ‘मुख्यमंत्री नाश्ता योजना’ की शुरुआत की थी, जिसे बाद में ‘पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम’ नाम दिया गया। मिड-डे मील के साथ चलने वाली इस योजना ने यह सुनिश्चित किया कि बच्चों को स्कूल में दो वक्त का पौष्टिक भोजन मिले।

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स्कूलों में मिड-डे मील में चिकन बिरयानी परोसी जाएगी?

शिक्षा मंत्री ने सप्ताह में एक दिन चिकन बिरयानी परोसने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

चिकन बिरयानी का प्रस्ताव किसने रखा है?

तमिलनाडु के शिक्षा मंत्री राज मोहन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के समक्ष यह प्रस्ताव रखा है।

इस प्रस्ताव का उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अधिक पौष्टिक और प्रोटीन युक्त भोजन उपलब्ध कराना तथा पोषण स्तर में सुधार करना है।

क्या इस प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है?

नहीं। फिलहाल यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री के विचाराधीन है और प्रशासनिक स्तर पर इसके विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है।

मिड-डे मील योजना के अलावा कौन-सी पोषण योजना चल रही है?

राज्य में 'पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम' भी संचालित है, जिसके तहत प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को स्कूल में नाश्ता उपलब्ध कराया जाता है।