फरीदाबाद के बड़खल में अवैध खनन मामले में हरियाणा सरकार समेत अन्य को नोटिस जारी

फरीदाबाद के बड़खल में अवैध खनन मामले में हरियाणा सरकार समेत अन्य को नोटिस जारी

फरीदाबाद के बड़खल में अवैध खनन मामले में हरियाणा सरकार समेत अन्य को नोटिस जारी
Modified Date: September 24, 2026 / 08:14 pm IST
Published Date: September 24, 2026 8:14 pm IST

नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने फरीदाबाद के बड़खल में 25 एकड़ वन भूमि पर कथित अवैध खनन को लेकर हरियाणा सरकार और अन्य से जवाब मांगा है।

एनजीटी ने इससे पहले संरक्षित क्षेत्र में कथित अवैध खनन से जुड़ी अखबार की एक खबर पर स्वतः संज्ञान लिया था।

एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने 16 सितंबर के एक आदेश में कहा कि ‘यह खबर अरावली में जारी अवैध खनन गतिविधियों से संबंधित है।’

आदेश में कहा गया कि रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि हरियाणा के अरावली में दो दशक से अधिक समय से खनन पर प्रतिबंध है लेकिन फरीदाबाद के बड़खल में 25 एकड़ वन भूमि पर उत्खनन करने वाली दो मशीनें चलती हुई पाई गईं, जहां बड़े पैमाने पर पत्थरों की खुदाई की गई थी और टूटे हुए पत्थरों के बड़े ढेर आसपास बिखरे हुए थे।

पीठ ने कहा कि अखबार की खबर में यह भी संकेत मिलता है कि इस तरह की खुदाई के दौरान लगभग 500 मीट्रिक टन पत्थर निकाले गए। हालांकि वन विभाग ने इससे इनकार किया है।

उसने यह भी कहा कि उक्त स्थान महत्वपूर्ण है क्योंकि 2002 में सूखने के बाद से बड़खल झील का पुनरुद्धार किया जा रहा है।

पीठ ने कहा कि यह खबर ‘पर्यावरण मानदंडों के अनुपालन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाती है।’

ट्रिब्यूनल ने अपने मुख्य सचिव के माध्यम से हरियाणा सरकार, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में वन महानिरीक्षक को प्रतिवादी या पक्षकार के रूप में शामिल किया है।

ट्रिब्यूनल ने कहा, ‘उक्त प्रतिवादियों को मामले में अगली सुनवाई (1 दिसंबर) से कम से कम एक सप्ताह पहले ट्रिब्यूनल के समक्ष हलफनामे के माध्यम से अपना जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी करें।’

भाषा प्रचेता नरेश

नरेश


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