नरेगा हाल के समय में सफलता की बड़ी कहानी : संरा सलाहकार

नरेगा हाल के समय में सफलता की बड़ी कहानी : संरा सलाहकार

नरेगा हाल के समय में सफलता की बड़ी कहानी : संरा सलाहकार
Modified Date: November 29, 2022 / 08:50 pm IST
Published Date: November 6, 2020 1:23 pm IST

नयी दिल्ली, छह नवंबर (भाषा) संयुक्त राष्ट्र की वरिष्ठ सलाहकार उषा नारायण हेज ने अपनी किताब में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (नरेगा) को हाल में भारत की एक बड़ी सफलता करार दिया है जो आबादी के वंचित तबके को भूखमरी से सुरक्षा प्रदान करती है। उषा की यह किताब लगातार बदलती नीतियों को लेकर है जो एशियाई और अफ्रीकी देशों में सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करती हैं।

किताब “सोशल प्रोटेक्शन: लैंड्स ऑफ ब्लॉसमिंग होप” में विकास विशेषज्ञ उषा हितों का परीक्षण और विश्लेषण करने के साथ ही प्रेरकों और चालकों का भी आकलन करती हैं जो सामाजिक योजनाओं की प्रक्रियाओं और उन्हें बढ़ावा देने के लिये निगरानी वाले पदों पर हैं। उषा अपनी किताब में सामाजिक योजनाओं के अवरोधकों की भी पहचान करती हैं।

उन्होंने कहा कि उनकी नई किताब, “हमारी जीत और गलतियों की याद दिलाती है, यह हमारे जैसे संयुक्त राष्ट्र के उन कर्मचारियों के लिये है जो ‘बदलाव लाने’ के मकसद से काम करते हैं। यह हमारी अज्ञानता, हमारी कमियों के साथ ही हमारी लगन, जुनून, दृढ़ता और प्रतिबद्धता के बारे में है।”

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ) के मुताबिक, सामाजिक सुरक्षा विकास और वृद्धि के लिये महत्वपूर्ण है और व्यापक रूप से इसे “सार्वजनिक व निजी नीतियों और कार्यक्रमों के समूह के तौर पर पारिभाषित किया जाता है जिनका उद्देश्य गरीबी और आभाव की आर्थिक व सामाजिक कमजोरियों को रोकना है।”

किताब में भारत की दो सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं नरेगा और एकीकृत बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) के अनुभवों और सुधारों पर संज्ञान लिया गया है और इन्हें गरीबी को लक्षित कर शुरू की गई अहम योजनाएं करार दिया।

किताब में नरेगा को भारत में हाल की “सबसे बड़ी सफलता” करार दिया गया है।

भाषा

प्रशांत उमा

उमा


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