देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 16,098 हुई

देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 16,098 हुई

देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 16,098 हुई
Modified Date: November 29, 2022 / 08:16 pm IST
Published Date: November 3, 2022 10:26 am IST

नयी दिल्ली, तीन नवंबर (भाषा) भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,321 नए मामले सामने आने से देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,46,57,149 हो गई है, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 16,098 रह गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, भारत में संक्रमण से नौ और लोगों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 5,30,461 हो गई है। इन नौ मामलों में वे पांच लोग भी शामिल हैं, जिनके नाम संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल ने वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों की सूची में जोड़े हैं।

अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या 16,243 से घटकर 16,098 रह गई है, जो कुल मामलों का 0.04 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 145 की कमी दर्ज की गई है। वहीं, मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.78 प्रतिशत हो गई है।

आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 4,41,10,590 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। वहीं, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 219.67 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।

गौरतलब है कि भारत में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे।

देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 25 जनवरी को संक्रमण के कुल मामले चार करोड़ के पार हो गए थे।

मंत्रालय के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण से मौत के जो चार मामले सामने आए हैं, उनमें महाराष्ट्र के दो और मध्य प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल के एक-एक मरीज शामिल हैं।

भाषा निहारिका पारुल

पारुल


लेखक के बारे में