दिल्ली में रोजाना आरटीपीसीआर जांच की संख्या 18,000 से बढ़ाकर 27,000 की जाएगी: आप विधायक

दिल्ली में रोजाना आरटीपीसीआर जांच की संख्या 18,000 से बढ़ाकर 27,000 की जाएगी: आप विधायक

दिल्ली में रोजाना आरटीपीसीआर जांच की संख्या 18,000 से बढ़ाकर 27,000 की जाएगी: आप विधायक
Modified Date: November 29, 2022 / 07:57 pm IST
Published Date: November 19, 2020 9:12 am IST

नयी दिल्ली, 19 नवंबर (भाषा)दिल्ली में कोविड-19 महामारी की स्थिति को लेकर सर्वदलीय बैठक के बाद आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली सरकार रोजाना आरटीपीसीआर जांच की संख्या 18,000 से बढ़ाकर 27,000 करेगी और महामारी को रोकने के लिए बाजार बंद करने के बारे में निर्णय लेने से पहले मुख्यमंत्री केजरीवाल बाजार संघों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे।

आप विधायक ने कहा कि उन्होंने सुझाव दिया कि बाजार संघों को अपने विचार पेश करने और वायरस के फैलाव को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाने का मौका दिया जाना चाहिए।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया,“आज सर्वदलीय बैठक में सभी दलों का सहयोग माँगा। ये वक़्त राजनीति का नहीं बल्कि सेवा का है। सभी दलों से निवेदन किया कि वे अपने कार्यकर्ताओं से सभी सार्वजनिक स्थलों पर मास्क बँटवाएं। सभी दलों ने आश्वासन दिया कि वे राजनीति छोड़कर जनसेवा करेंगे।”

भारद्वाज ने कहा, “हमने कहा कि बाजार बंद करने के किसी भी निर्णय से पहले सरकार द्वारा बाजार संघों से परामर्श किया जाना चाहिए और उन्हें सावधानी बरतने की अनुमति दी जानी चाहिए ताकि बाजार कोविड-19 हॉटस्पॉट न बन सकें। मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री उनसे मिलेंगे। इसके अलावा जिलाधिकारी और विधायक से भी चर्चा की जाएगी।”

भाजपा और कांग्रेस ने सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा पर प्रतिबंध का मुद्दा उठाया और मांग की कि सरकार आवश्यक कोविड-19 सुरक्षा निर्देशों के अनुपालन के साथ इसकी अनुमति दे।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष अदेश गुप्ता ने कहा कि सरकार को बाजार बंद करने के बजाय बाजार वाली जगहों पर जागरूकता फैलाने पर ध्यान देना चाहिए।

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि दिल्ली सरकार को लॉकडाउन और बाजार बंदी को लेकर इस भ्रम को स्पष्ट करना चाहिए।

भाषा

शुभांशि नरेश

नरेश


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