आदिवासी लड़की के यौन उत्पीड़न मामले में ओडिशा और उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रमुखों को नोटिस जारी

आदिवासी लड़की के यौन उत्पीड़न मामले में ओडिशा और उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रमुखों को नोटिस जारी

आदिवासी लड़की के यौन उत्पीड़न मामले में ओडिशा और उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रमुखों को नोटिस जारी
Modified Date: June 3, 2026 / 06:40 pm IST
Published Date: June 3, 2026 6:40 pm IST

नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बुधवार को कहा कि उसने ओडिशा और उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रमुखों को उन खबरों को लेकर नोटिस जारी किए हैं जिनमें कहा गया है कि ढेंकनाल जिले की 17 वर्षीय एक आदिवासी लड़की को झांसी में कथित तौर पर तस्करी करके बेचा गया और लगभग दो वर्षों तक उसका यौन उत्पीड़न किया गया।

आयोग ने कहा कि पीड़िता और तीन अन्य लड़कियों को नौकरी दिलाने के बहाने उत्तर प्रदेश में कथित तौर पर तस्करी करके ले जाया गया था।

इसने एक बयान में कहा कि स्थानीय वकील की मदद से आदिवासी लड़की भागने में सफल रही और उसने झांसी पुलिस से संपर्क किया।

इसके अनुसार हालांकि लड़की का बयान दर्ज किया गया था, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने ओडिशा के लिए ट्रेन टिकट उपलब्ध कराने के अलावा कोई और कार्रवाई नहीं की।

बयान में कहा गया है कि लड़की की वापसी पर ओडिशा पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया और मामले की जांच जारी है।

आयोग ने कहा कि उसने ‘‘मीडिया की एक खबर का स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें कहा गया है कि ओडिशा में ढेंकनाल जिले के कंकदाहाड़ा क्षेत्र की 17 वर्षीय एक आदिवासी लड़की को तस्करी कर बेचा गया और लगभग दो वर्षों तक उत्तर प्रदेश के झांसी में उसका कई बार यौन उत्पीड़न किया गया।’’

इसने कहा कि यदि यह खबर सही है, तो इससे मानवाधिकारों के उल्लंघन के गंभीर मुद्दे उठते हैं।

आयोग ने कहा कि इसलिए, इसने ओडिशा और उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशकों और ढेंकनाल के जिलाधिकारी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

आयोग ने कहा कि उसे जांच की स्थिति और पीड़िता को राहत एवं पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए उठाए गए कदमों को रिपोर्ट में शामिल किए जाने की उम्मीद है।

गत 29 मई को प्रकाशित खबर के अनुसार, पीड़िता को लगभग तीन महीने तक एक घर में कथित तौर पर कैद रखा गया और वहां उसका बार-बार यौन उत्पीड़न किया गया।

बयान के अनुसार यह भी आरोप है कि जब पीड़िता गर्भवती हुई, तो सहमति के बिना उसका जबरन गर्भपात कराया गया।

आयोग के अनुसार इसके बाद उसे 50,000 रुपये में किसी अन्य व्यक्ति को कथित तौर पर बेच दिया गया और लगभग दो वर्षों तक कई अन्य लोगों द्वारा उसका बार-बार यौन उत्पीड़न किया गया।

भाषा

देवेंद्र पवनेश

पवनेश


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