ओडिशा विधानसभा में नए खनन कानून को लेकर हंगामा, कार्यवाही शाम चार बजे तक स्थगित

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ओडिशा विधानसभा में नए खनन कानून को लेकर हंगामा, कार्यवाही शाम चार बजे तक स्थगित

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  • Publish Date - September 25, 2026 / 02:21 PM IST,
    Updated On - September 25, 2026 / 02:21 PM IST

भुवनेश्वर, 25 सितंबर (भाषा) ओडिशा विधानसभा के मानसून सत्र में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन हंगामा हुआ और विपक्षी दलों ने हाल ही में संसद से पारित संशोधित खनन कानून को वापस लेने की मांग की। इस दौरान विपक्षी पार्टी बीजू जनती दल (बीजद) और कांग्रेस के विधायकों ने काले गमछे पहनकर सदन में नारेबाजी की।

हंगामे के बीच प्रश्नकाल शुरू होने के महज चार मिनट बाद ही सदन की कार्यवाही शाम चार बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

संसद द्वारा अगस्त में पारित संशोधित खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत केंद्र सरकार कानून में निर्धारित मानकों के अनुसार खनिज भंडार वाली खनिजयुक्त भूमि के विनियमन को अपने नियंत्रण में लेना चाहती है।

ओडिशा में विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि यह कानून “खनिज संपदा से समृद्ध राज्यों के अधिकार छीनता है” और उनकी वित्तीय स्वायत्तता को कमजोर करता है।

सुबह 10.30 बजे प्रश्नकाल के लिए सदन की बैठक शुरू होते ही विपक्षी विधायक सदन में विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सामने पहुंच गए और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

बीजद और कांग्रेस के विधायकों ने सदन में अलग-अलग प्रदर्शन किया।

जब विधानसभा के उपाध्यक्ष भवानी शंकर भोई ने स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड को एक सवाल का जवाब देने की अनुमति दी, तब विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी और तेज कर दी।

विपक्षी दलों ने स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में बड़े पैमाने पर हुई गलतियों को लेकर गोंड के इस्तीफे की भी मांग की।

हंगामे के बीच उपाध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही शाम चार बजे तक स्थगित कर दी।

बीजद एमएमडीआर संशोधन अधिनियम को वापस लेने की मांग के साथ-साथ स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में हुई गलतियों के विरोध में प्रदर्शन कर रहा है और गोंड के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

सितंबर में 22 तारीख से शुरू हुए मानसून सत्र की शुरुआत से ही कांग्रेस एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2026 का विरोध कर रही है और मांग कर रही है कि इस कानून को ओडिशा में लागू न किया जाए।

भाषा तान्या संतोष

संतोष