Bilaspur Bribery Case: छत्तीसगढ़ के नगर निगम में चल रहा था रिश्वत का खेल, ACB ने क्लर्क को रंगे हाथ किया गिरफ्तार

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Bilaspur Bribery Case: छत्तीसगढ़ के नगर निगम में चल रहा था रिश्वत का खेल, ACB ने क्लर्क को रंगे हाथ किया गिरफ्तार

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  • Publish Date - September 25, 2026 / 02:54 PM IST,
    Updated On - September 25, 2026 / 03:14 PM IST

Bilaspur Bribery Case: छत्तीसगढ़ के नगर निगम में चल रहा था रिश्वत का खेल, ACB ने क्लर्क को रंगे हाथ किया गिरफ्तार /image:Social Media

HIGHLIGHTS
  • नगर निगम क्लर्क 10 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार
  • ACB ने बिलासपुर में किया ट्रैप
  • नवीनीकरण आवेदन के निपटारे के बदले मांगी थी रिश्वत

बिलासपुर। Bilaspur Bribery Case: छत्तीसगढ़ में भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी पर ACB की लगातार कार्रवाई जारी है, इसी क्रम में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बिलासपुर नगर निगम विकास भवन (Bilaspur Municipal Corporation) में एक क्लर्क लक्ष्मीकांत कोका (Nagar Nigam Clerk Arrest) को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है।

नवीनीकरण आवेदन के निपटारे के बदले मांगी थी रिश्वत

Bilaspur Bribery Case मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी क्लर्क ने राजकिशोर नगर निवासी अजीत शुक्ला से नवीनीकरण के आवेदन के निपटारे के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। इससे परेशान होकर राजकिशोर ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की। शिकायत मिलने के बाद जांच सही पाए जाने पर ACB ने ट्रैप की योजना बनाई।

ACB ने बिलासपुर में किया ट्रैप

Chhattisgarh Bribe News योजना के मुताबिक, जैसे ही राजकिशोर ने आरोपी क्लर्क को 10 हजार रुपये की रिश्वत दी, तभी ACB बिलासपुर की टीम ने आरोपी को रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। ACB की टीम मामले में आगे की जांच कर रही है।

 

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बिलासपुर में ACB ने किसे गिरफ्तार किया है?

ACB ने बिलासपुर नगर निगम के क्लर्क लक्ष्मीकांत कोका को 10 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

क्लर्क ने रिश्वत क्यों मांगी थी?

आरोप है कि क्लर्क ने नवीनीकरण के आवेदन के निपटारे के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

ACB ने आरोपी को कैसे पकड़ा?

शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद ACB ने ट्रैप की योजना बनाई। रिश्वत की रकम दिए जाने के दौरान टीम ने आरोपी को पकड़ लिया।

आरोपी के खिलाफ किस कानून के तहत कार्रवाई हो रही है?

आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।