ओडिशा : कांग्रेस ने की पेशेवर पाठ्यक्रमों में छात्राओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग

ओडिशा : कांग्रेस ने की पेशेवर पाठ्यक्रमों में छात्राओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग

ओडिशा : कांग्रेस ने की पेशेवर पाठ्यक्रमों में छात्राओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग
Modified Date: June 3, 2026 / 06:25 pm IST
Published Date: June 3, 2026 6:25 pm IST

भुवनेश्वर, तीन जून (भाषा) कांग्रेस ने बुधवार को ओडिशा में मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य पेशेवर पाठ्यक्रमों में छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग की।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता निरंजन पटनायक ने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में यह मांग उठाई।

राज्य सरकार ने मंगलवार को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) तथा सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) के लिए आरक्षण बढ़ाने और नया कोटा लागू करने की घोषणा की थी।

पटनायक ने कहा, ‘‘हम एससी, एसटी और ओबीसी विद्यार्थियों को आरक्षण देने के सरकार के निर्णय का स्वागत करते हैं। कांग्रेस लंबे समय से इसकी मांग कर रही थी। लेकिन छात्राओं को इससे बाहर क्यों रखा गया?’’

उन्होंने कहा कि ओडिशा की आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत है, इसलिए उच्च शिक्षा में भी उन्हें 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए।

इस अवसर पर ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने महानदी जल विवाद को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि ओडिशा, छत्तीसगढ़ और केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं, जिसे उन्होंने ‘‘ट्रिपल इंजन सरकार’’ बताया, लेकिन इसके बावजूद ओडिशा के लोगों को महानदी पर उनके अधिकार नहीं मिल पाए हैं।

दास ने कहा कि महानदी ओडिशा के 18 जिलों के लोगों की जीवनरेखा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि महानदी विवाद पिछली बीजू जनता दल सरकार के समय भी उठा था और अब भाजपा सरकार के सत्ता में आने के दो वर्ष बाद भी इस समस्या का समाधान नहीं हो सका है।

दास ने कहा कि राज्य के लोगों को अब भी इस मुद्दे पर न्याय और स्थायी समाधान का इंतजार है।

भाषा मनीषा माधव

माधव


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