ओडिशा : निलंबित आईपीएस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश

ओडिशा : निलंबित आईपीएस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश

ओडिशा : निलंबित आईपीएस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश
Modified Date: July 1, 2026 / 01:08 pm IST
Published Date: July 1, 2026 1:08 pm IST

भुवनेश्वर, एक जुलाई (भाषा) ओडिशा सरकार ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को कांस्टेबलों के शोषण के आरोप में निलंबित वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दयाल गंगवार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर गंगवार को कांस्टेबलों को परेशान करने और उनका शोषण करने के आरोप में 18 जून को निलंबित कर दिया गया था।

अधिकारी ने बताया कि गृह विभाग ने इस संबंध में 29 जून को आदेश जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने को कहा।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) पद पर तैनात दयाल गंगवार को पिछले महीने निलंबित किया गया था। उन पर ‘‘आठ कांस्टेबलों को अपने घरेलू काम में लगाने’’ का आरोप है। वह 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।

अधिकारी ने बताया कि गृह विभाग के अतिरिक्त सचिव त्रिलोचन माझी ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई.बी. खुरानिया को पत्र लिखकर गंगवार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है।

गृह विभाग ने कहा कि आईपीएस अधिकारी के निलंबन की तारीख से 30 दिनों के भीतर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू किया जाना आवश्यक है। विभाग ने डीजीपी से सरकार की मंजूरी के लिए ‘‘आरोपों का मसौदा ज्ञापन, आरोपों के अनुच्छेद, कदाचार संबंधी विवरण और साक्ष्यों का ज्ञापन तुरंत उपलब्ध कराने’’ का अनुरोध किया है।

भुवनेश्वर के बालियंता थाना क्षेत्र में सात मई को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वैन की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के बाद गंगवार का नाम सामने आया था।

स्वैन के परिवार द्वारा उत्पीड़न और शोषण के आरोप लगाए जाने के बाद गंगवार को प्रशासनिक जांच का सामना करना पड़ा था।

मृतक के परिवार ने दावा किया था कि वर्ष 2023-24 में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (रेलवे) के रूप में गंगवार के कार्यकाल के दौरान स्वैन को उनके घरेलू सहायक के रूप में काम करने के लिए मजबूर किया गया था।

ओडिशा पुलिस के अलावा, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भी स्वैन की हत्या मामले की जांच की थी।

निलंबन से पहले, गंगवार को 25 मई को एडीजी (संचार) के पद से हटाकर गृह विभाग में विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) के रूप में नियुक्त किया गया था।

भाषा प्रचेता वैभव

वैभव


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