ओडिशा:हीराकुड बांध से महानदी में भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया, बाढ़ से सात लाख लोग प्रभावित
ओडिशा:हीराकुड बांध से महानदी में भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया, बाढ़ से सात लाख लोग प्रभावित
भुवनेश्वर, 31 जुलाई (भाषा) ओडिशा में ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण हीराकुड बांध से महानदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया जिससे नदी का जलस्तर बढ़ गया। इसके चलते ओडिशा के 30 में से 20 जिलों में निचले इलाकों में पानी भर गया और करीब सात लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
महानदी के जल स्तर में वृद्धि के कारण इसकी कई सहायक नदियां उफान पर हैं, जिससे स्थिति बिगड़ गई है। हालांकि, पिछले एक दिन बारिश नहीं होना राज्य के लिए राहत साबित हुआ है।
बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करने वाले राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महानदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से भारी जल प्रवाह के कारण हीराकुड बांध के 14 गेट खोले गए हैं, जिससे दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है।
पहले सिर्फ दो गेट खुले थे।
मंत्री ने कहा, ‘‘पानी को कटक के पास मुंडाली तक पहुंचने में लगभग 36 से 40 घंटे लगेंगे।’’
शुक्रवार की सुबह तक, जलाशय में जल स्तर इसकी पूर्ण भंडारण क्षमता 630 फुट के मुकाबले 623.52 फुट था। बांध में प्रति सेकंड लगभग 3,69,322 क्यूसेक पानी आ रहा था, जबकि लगभग 65,543 क्यूसेक पानी नीचे की ओर छोड़ा जा रहा था।
पुजारी ने कहा कि मुंडाली में आठ लाख क्यूसेक से अधिक पानी 36 घंटे के भीतर छोड़ा जाना चाहिए, जिससे हीराकुड से छोड़े जाने वाले अतिरिक्त पानी के लिए जगह बन सके।
मंत्री ने कहा, ‘‘यह एक बड़ी राहत है कि राज्य भर में और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों से बारिश नहीं हुई है।’’
उन्होंने कहा कि कटक, पुरी, खुर्दा और जगतसिंहपुर जिलों के कुछ इलाके जलमग्न हो गए हैं और लोगों की परेशानियां कम करने के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं।
पुजारी ने कहा कि राज्य उत्तरी और तटीय क्षेत्रों में 520 राहत केंद्र संचालित कर रहा है, जहां लगभग दो लाख लोगों के लिए तैयारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 1.90 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है।
विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल ने कहा कि हालिया बाढ़ ने राज्य के 30 जिलों में से 20 में सात लाख से अधिक लोगों को प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और अग्निशमन सेवाओं की 136 बचाव टीमें विभिन्न जिलों में तैनात की गई हैं।
पाटिल ने कहा कि महानदी के जल स्तर में वृद्धि के कारण इसकी सहायक नदियां – लूना, करंदिया, चित्रोत्पला, पाइका, सालिया, देवी, कंडाला, कुआखाई, कुशभद्रा, दया और भार्गवी – उफान पर हैं।
उन्होंने कहा कि बाढ़ से संबंधित घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
भाषा शफीक नरेश
नरेश

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