केंद्रपाड़ा, छह अगस्त (भाषा) ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले की एक त्वरित अदालत ने एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के दोषी 21 वर्षीय व्यक्ति को बृहस्पतिवार को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
विशेष न्यायाधीश त्रिबिक्रम केशरी चिनारा ने आरोपी को ‘यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण’ (पॉक्सो) अधिनियम की धारा-छह और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया।
अदालत ने ओडिशा राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण को पीड़िता को मुआवज़े के तौर पर चार लाख रुपये देने का भी निर्देश दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 17 साल की लड़की की मां ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने 27 जुलाई, 2025 को उनकी नाबालिग बेटी के साथ उस वक्त यौन उत्पीड़न किया, जब वह घर पर अकेली थी।
पुलिस ने शिकायत मिलने पर आरोपी को गिरफ़्तार किया और जांच पूरी होने के बाद आरोप-पत्र दाखिल किया।
विशेष लोक अभियोजक समर केशरी महापात्रा ने बताया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता समेत 15 गवाहों से पूछताछ की। उनके बयानों और मेडिकल सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया और सज़ा सुनाई।
भाषा सुरेश नेत्रपाल
नेत्रपाल