भुवनेश्वर, 11 मई (भाषा) ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले में ‘डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड’ के अवैध निर्माण में लगे एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ के एक-एक व्यक्ति सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
आधुनिक डीजल वाहनों में हानिकारक उत्सर्जन को कम करने के लिए डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (डीईएफ) का इस्तेमाल किया जाता है, जो नाइट्रोजन ऑक्साइड को नाइट्रोजन और पानी में विघटित करता है।
झारसुगुड़ा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) जी.आर. राघवेंद्र ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की एक टीम ने शुक्रवार को सिरियाबगीचा में छापा मारा और भारी मात्रा में डीईएफ, संदिग्ध मिलावट वाले पदार्थ और यूरिया के साथ-साथ उपकरण और दो वाहन जब्त किए।
उन्होंने कहा, ‘‘तकनीकी और नियामकीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, हमने जब्त की गई सामग्री और मशीनरी की प्रामाणिकता, स्रोत और कानूनी इस्तेमाल का पता लगाने के लिए उद्योग, कृषि और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल किया।’’
एसपी ने बताया कि आरोपी कथित तौर पर यूरिया को पानी में मिलाकर अलग-अलग ऑटोमोबाइल ब्रांड के लोगो वाले कंटेनर में पैक करके ओडिशा और छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में बेच रहे थे।
अधिकारी ने बताया कि सात लोगों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि गिरोह के सरगना को रविवार को राजस्थान के जयपुर से पकड़ा गया। उन्होंने कहा कि आगे की जांच जारी है।
राघवेंद्र ने सभी वाहन मालिकों, परिवहन संचालकों, ईंधन टैंक डीलरों और किसानों को अवैध डीईएफ के उपयोग और सब्सिडी वाले कृषि यूरिया के दुरुपयोग के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।
भाषा आशीष प्रशांत
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