ओडिशा ने बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र के चलने वाले वाहनों के लिए जुर्माना घटाया

ओडिशा ने बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र के चलने वाले वाहनों के लिए जुर्माना घटाया

ओडिशा ने बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र के चलने वाले वाहनों के लिए जुर्माना घटाया
Modified Date: September 2, 2026 / 03:14 pm IST
Published Date: September 2, 2026 3:14 pm IST

भुवनेश्वर, दो सितंबर (भाषा) ओडिशा सरकार ने वाहनचालकों की आलोचना के बाद बुधवार को राज्य में प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के बिना चल रहे वाहनों पर जुर्माने को कम कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

सरकार 2019 से इस उल्लंघन के लिए सभी तरह की गाड़ियों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगा रही थी।

अधिकारियों ने बताया कि अब जुर्माना काफी घटा दिया गया है तथा इसे पहली बार और उसके बाद होने वाले उल्लंघनों के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में बांट दिया गया है।

परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने कहा कि सरकार गाड़ी मालिकों की दिक्कतों को लेकर चिंतित है और उसका मकसद सिर्फ जुर्माना वसूलकर कमाई करना नहीं है।

जेना ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत, यात्रियों या सामान की ढुलाई में इस्तेमाल होने वाली मोटरसाइकिलों और तिपहिया वाहनों पर पहली बार नियम तोड़ने पर 1,000 रुपये और दूसरी या उसके बाद नियम तोड़ने पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।

उन्होंने कहा कि इसी तरह, कैब, कार, जीप और ट्रैक्टर के मामले में पहली बार नियम तोड़ने पर 2,000 रुपये और उसके बाद नियम तोड़ने पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।

जेना ने बताया कि भारी वाहनों एवं अन्य तरह के वाहनों के लिए पहली बार नियम तोड़ने पर 3,000 रुपये और दूसरी या उसके बाद नियम तोड़ने पर 6,000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है।

मंत्री ने वाहन मालिकों से जनहित में मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की।

भाषा

राजकुमार नरेश

नरेश


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