ओडिशा : तकनीकी दल ने बचाए गए ओरंगुटान की स्वास्थ्य जांच की
ओडिशा : तकनीकी दल ने बचाए गए ओरंगुटान की स्वास्थ्य जांच की
भुवनेश्वर, 20 सितंबर (भाषा) भुवनेश्वर स्थित नंदनकानन प्राणी उद्यान में पृथक-वास में रखे गए पांच ओरंगुटान के स्वास्थ्य की तकनीकी दल ने जांच की है। यह जानकारी रविवार को एक बयान में दी गई।
बयान में कहा गया कि दिल्ली चिड़ियाघर और देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) के पशु चिकित्सकों वाले दल ने ओरंगुटान के शरीर में मौजूद कृमियों को पूरी तरह खत्म करने के लिए दवाएं देने की सलाह भी दी।
प्राणी उद्यान की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली चिड़ियाघर के पशु चिकित्सा अधिकारी अभिजीत भावल और डब्ल्यूआईआई के वन्यजीव पशु चिकित्सक कृष्णा मुलिया की सदस्यता वाले तकनीकी दल ने शनिवार को नंदनकानन प्राणी उद्यान की पृथक-वास सुविधा का दौरा किया और ओरंगुटान के स्वास्थ्य की जांच की।
बुलेटिन में कहा गया कि पशु चिकित्सा विशेषज्ञों ने नंदनकानन प्राणी उद्यान के अधिकारियों को ओरंगुटान के भोजन, स्वास्थ्य देखभाल और प्रबंधन से संबंधित उपायों के बारे में सलाह दी। उन्होंने चिड़ियाघर के अधिकारियों को भोजन की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाने और उनके आहार में ठोस खाद्य पदार्थ शामिल करने की सलाह दी।
जांच के दौरान प्राणी उद्यान ने बताया कि पांचों ओरंगुटान के शरीर का तापमान 98.6 से 101 डिग्री फारेनहाइट के बीच था। जांच के समय सभी ओरंगुटान की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर थी और उन्होंने सामान्य रूप से भोजन किया।
दल ने प्राणी उद्यान के अधिकारियों को शरीर में मौजूद कृमियों को पूरी तरह खत्म करने के लिए दवाएं देने की भी सलाह दी।
प्राणी उद्यान के अधिकारियों ने इससे पहले बताया था कि पांच में से तीन ओरंगुटान शावक एनीमिया से पीड़ित हैं। प्राणी उद्यान में किए गए रक्त संबंधी परीक्षण में एक ओरंगुटान में गंभीर एनीमिया और दो अन्य में हल्का एनीमिया पाया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि ओरंगुटान भारत के मूल निवासी नहीं हैं और मुख्य रूप से इंडोनेशिया तथा मलेशिया के वर्षावनों में पाए जाते हैं। पांचों ओरंगुटान को आठ सितंबर को बालासोर जिले के एक जंगल से बचाया गया था। इसके बाद से उन्हें नंदनकानन प्राणी उद्यान में पृथक-वास में रखा गया है, जहां उनकी समय-समय पर स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने कहा कि दूसरी ओर, ओडिशा पुलिस का विशेष कार्यबल (एसटीएफ) और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) वन्यजीवों की संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय तस्करी की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि जांच में अब तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है।
भाषा अमित दिलीप
दिलीप

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