भुवनेश्वर, 22 अगस्त (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को घोषणा की कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा एवं संरक्षा के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने और उनकी सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए अगस्त के चौथे शनिवार को ‘गरिमा दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा।
माझी ने यहां शनिवार को ‘‘मिशन शून्य—सफाई कार्य में मृत्यु को समाप्त करना’’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह घोषणा की।
उन्होंने कहा कि राज्य जल्द ही सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), कैमरा प्रणाली और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक पेश करेगा। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी अक्सर सेप्टिक टैंक के अंदर काम करते समय दम घुटने से जान गंवा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेप्टिक टैंक में प्रवेश करने वाले सफाई कर्मचारी को अक्सर यह पता नहीं होता कि उसके अंदर कोई जहरीली गैस मौजूद है या नहीं। उन्होंने कहा कि किसी सफाई कर्मचारी को टैंक में प्रवेश की अनुमति देने से पहले यह पता लगाने के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए कि टैंक सुरक्षित है या नहीं।
माझी ने कहा, ‘‘तकनीक के इस्तेमाल से जब कोई व्यक्ति अंदर काम कर रहा हो, तो दूसरे लोग भी टैंक के अंदर का दृश्य देख सकते हैं। हम जान जोखिम में डालकर सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले व्यक्ति को ऑक्सीजन मास्क, हेलमेट और अन्य उपकरण उपलब्ध कराने की योजना बना रहे हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारा एकमात्र उद्देश्य ‘मिशन शून्य’ है, जिसका अर्थ है सफाई से जुड़े काम में शून्य मौतें। हम सुरक्षा उपकरणों, ऑक्सीजन प्रणाली, कैमरा, ड्रोन और एआई सहित तकनीक के माध्यम से सफाई कार्य को आधुनिक बना रहे हैं।’’
राष्ट्रीय कार्यशाला में सफाई कर्मचारियों के अलावा आठ राज्यों के विशेषज्ञों और सफाई क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
भाषा अमित पवनेश
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