भुवनेश्वर, दो जनवरी (भाषा) ओडिशा सरकार ने सतर्कता विभाग को अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच दर्ज भ्रष्टाचार के 125 मामलों की जांच करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में बताया कि यह निर्णय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में सतर्कता विभाग के कामकाज की समीक्षा के लिए हुई बैठक में लिया गया।
कार्यालय ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्त नीति पर जोर देते हुए बताया, “राज्य सरकार ने इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में मामलों को सतर्कता जांच के लिए कभी नहीं सौंपा।”
माझी ने कहा, “अब समय आ गया है कि हम भ्रष्टाचार मुक्त ओडिशा का निर्माण करें और एक ऐसा उदाहरण पेश करें, जिससे सरकारी कर्मचारी भ्रष्टाचार के रास्ते से दूर रहें।”
सतर्कता विभाग ने 2025 में 202 आपराधिक मामले दर्ज किए और 212 सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया।
विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के 49 मामले भी दर्ज किए और 120 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता लगाया।
विभाग ने इस दौरान 153 भवन, 18.3 किलोग्राम सोना, 714 भूखंड, 12 फार्महाउस, 36.69 करोड़ रुपये की जमा राशि और 8.81 करोड़ रुपये नकद जब्त किए।
अधिकारी ने बताया कि सतर्कता विभाग ने जांच के बाद 488 मामलों का निपटारा किया और 108 मामलों में दोषियों को सजा दिलाने में सफलता हासिल की।
भाषा जितेंद्र पारुल
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