हैदराबाद, सात मार्च (भाषा) केंद्र द्वारा निर्धारित 31 मार्च की समय सीमा से पहले, शनिवार को 130 माओवादियों ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने प्रतीकात्मक रूप से अपने 124 हथियार मुख्यमंत्री को सौंप दिए। इन हथियारों में 31 एके-47 राइफलें, 21 इंसास राइफलें और 5,200 से अधिक कारतूस शामिल हैं।
मुख्यमंत्री रेड्डी ने मुप्पला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति सहित भूमिगत उग्रवादियों से मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शायद यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।
रेड्डी ने कहा कि जनवरी 2024 से तेलंगाना में 721 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।
तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी शिवधर रेड्डी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 130 माओवादियों में से 125 छत्तीसगढ़ के, चार तेलंगाना के और एक आंध्र प्रदेश से है।
डीजीपी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘अब तेलंगाना राज्य में माओवादियों की कोई कमेटी नहीं है। यह पूरी तरह से समाप्त हो गई है।’’
डीजीपी ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) से संबंधित थे, जिसका अब पूरी तरह से सफाया हो चुका है।
उन्होंने कहा, “मैं भूमिगत गणपति और केंद्रीय समिति के अन्य सदस्यों से आत्मसमर्पण करने का आह्वान करता हूं। सार्वजनिक जीवन की मुख्यधारा में शामिल हों और तेलंगाना के पुनर्निर्माण में भागीदार बनें।”
उन्होंने कहा कि हाल में उनकी मुलाकात पूर्व माओवादी नेताओं देवूजी, दामोदर और केंद्रीय समिति के अन्य सदस्यों से हुई, जिन्होंने आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के लिए वित्तीय सहायता और कृषि भूमि जैसे कुछ प्रस्ताव रखे और मुख्यमंत्री ने इस बात को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संज्ञान में लाया।
रेड्डी ने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो माओवादियों के खिलाफ लंबित मामलों की समीक्षा करने और कानून के दायरे में रहते हुए उनकी वापसी की संभावना पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “राज्य सरकार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के प्रति सहानुभूति रखती है और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए तत्पर है। सरकार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता देने के लिए तैयार है और इस संबंध में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।’’
रेड्डी ने कहा कि सरकार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी लेने के लिए भी तैयार है। केंद्र सरकार ने पहले ही राज्य सरकार को आत्मसमर्पण करने वालों के लिए स्वास्थ्य सेवा, आर्थिक सहायता और आवास उपलब्ध कराने की स्वतंत्रता दे दी है।’’
पुलिस द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले 130 नक्सलियों के बीच 4.18 करोड़ रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि वितरित की जाएगी।
भाषा
अविनाश माधव
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