‘अपनी पार्टी’ के खिलाफ महबूबा मुफ्ती की टिप्पणी पर भाजपा ने कहा, ‘इस तरह के आरोप अच्छे नहीं हैं’

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'अपनी पार्टी' के खिलाफ महबूबा मुफ्ती की टिप्पणी पर भाजपा ने कहा, 'इस तरह के आरोप अच्छे नहीं हैं'

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  • Publish Date - May 22, 2024 / 08:14 PM IST,
    Updated On - May 22, 2024 / 08:14 PM IST

मेंढर/पुंछ, 22 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रवीन्द्र रैना ने ‘अपनी पार्टी’ पर पाकिस्तान से हवाला का पैसा लेने का आरोप लगाने वाली पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती पर बुधवार को निशाना साधते हुए कहा कि बेहतर होगा कि चुनाव ‘तल्ख’ टिप्पणियां करने के बजाए अपनी ‘पार्टी के एजेंडे और नीतियों’ पर लड़ा जाए।

पीडीपी के पूर्व नेता बुखारी को जनवरी 2019 में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। अपनी पार्टी ने अनंतनाग-राजौरी संसदीय सीट से जफर इकबाल खान मन्हास को चुनावी मैदान में उतार है, जिनका मुकाबला महबूबा और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के नेता मियां अल्ताफ से है।

पीडीपी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने ‘अपनी पार्टी’ के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में एक ऐसी पार्टी का समर्थन कर रही है, जो कश्मीर में आतंकवाद वित्त पोषण के लिए पाकिस्तान से हवाला के जरिये रुपये प्राप्त करने में संलिप्त है।

महबूबा ने पुंछ जिले में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए टिप्पणी की थी। पुंछ जिला अनंतनाग-राजौरी संसदीय सीट के अंतर्गत आता है, जहां आम चुनाव के छठे चरण में 25 मई को मतदान होगा।

रैना ने पुंछ जिले के मेंधर में संवाददाताओं से कहा, ”मैं महबूबा और सभी की इज्जत करता हूं। इस तरह के आरोप अच्छे नहीं हैं। राजनीतिक परिदृश्य में एक-दूसरे की आलोचना एजेंडे, घोषणापत्र और चुनावी कार्यक्रम के आधार पर होनी चाहिए।”

भाजपा नेता ‘अपनी पार्टी’ के मन्हास के लिए प्रचार कर रहे थे। मन्हास, महबूबा और मियां अल्ताफ के अलावा 17 अन्य उम्मीदवार दक्षिण कश्मीर सीट से चुनाव मैदान में हैं।

रैना ने 2015 से 2018 के बीच पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि महबूबा उसका हिस्सा थीं। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला जुलाई 2001 से दिसंबर 2002 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में विदेश मंत्री थे।

रैना ने कहा, ”राजनीति में कोई गिला-शिकवा नहीं होना चाहिए। प्रतिद्वंद्वी दलों के बीच टकराव जरूरी है और सभी को चुनाव जीतने की कोशिश करनी चाहिए लेकिन हमें दुश्मनी के स्तर तक नहीं पहुंचना चाहिए।”

उन्होंने कहा, ”जनता के बीच अपने-अपने दलों के एजेंडे, नीतियों और अपनी सरकार के पिछले प्रदर्शनों का प्रचार करना बेहतर है और लोगों को यह तय करने दें कि किस पार्टी को वोट देना है।”

भाषा जितेंद्र माधव

माधव