कोलकाता, नौ मई (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने देश की सीमाओं की बहादुरी से रक्षा करने के लिए शुक्रवार को भारतीय सशस्त्र बलों की प्रशंसा की।
रवींद्रनाथ टैगोर की 164वीं जयंती के अवसर पर बनर्जी ने कहा कि देश अपने सैनिकों और लोगों की भलाई के लिए प्रार्थना कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘हम इस देश और अपनी मातृभूमि के लोगों की भलाई के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।’
मुख्यमंत्री ने रवींद्र सदन-नंदन सांस्कृतिक परिसर में टैगोर के विशाल चित्र पर माल्यार्पण करने के बाद उन्हें ऐसा शख्स बताया जिनके गीत ‘हमें ढांढस देते हैं और हर पल हमारा मार्गदर्शन करते हैं।”
बनर्जी ने मातृभूमि के प्रति टैगोर के प्रेम का उल्लेख किया, जो उनकी कविताओं, कथाओं और लेखों में परिलक्षित होता है।
उन्होंने कहा, ‘उनके आदर्श काले बादलों को दूर करेंगे और अंधकारमय खतरों को दूर भगाएंगे।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि टैगोर सार्वभौमिक भाईचारे और मानवता के प्रतीक थे और यह उनके लेखन में दिखता है।
उन्होंने सभी से अपनी मातृभाषा को पोषित करने और संरक्षित करने का आह्वान किया।
बनर्जी ने कहा, ‘हमें टैगोर के लेखन और शिक्षाओं को एक दिन के लिए नहीं बल्कि पूरे वर्ष संजोकर रखना चाहिए।’
उन्होंने कहा, ‘हर राज्य की अपनी अनूठी संस्कृति होती है। हमें अपनी भाषा, विरासत और संस्कृति की रक्षा करनी चाहिए।’ बनर्जी ने कहा कि टैगोर की कृतियां पूरे विश्व को ज्ञान दे रही हैं।
इससे पहले ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में उन्होंने टैगोर के प्रसिद्ध कविता संग्रह ‘गीतांजलि’ से कुछ पंक्तियां उद्धृत कीं और महान साहित्यकार को श्रद्धांजलि दी।
बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने बांग्ला भाषा में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से टैगोर को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में वर्णित किया, जिन्होंने ‘सम्पूर्ण मानव जाति का मार्गदर्शन किया तथा अपने लेखन के माध्यम से राष्ट्रवाद की सच्ची भावना को परिभाषित किया।”
भाषा
नोमान अविनाश
अविनाश