अरुणाचल में उग्रवादी हमले में असम राइफल के एक जवान की मौत, सुरक्षाबलों ने अभियान तेज किया

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अरुणाचल में उग्रवादी हमले में असम राइफल के एक जवान की मौत, सुरक्षाबलों ने अभियान तेज किया

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  • Publish Date - September 29, 2026 / 09:48 PM IST,
    Updated On - September 29, 2026 / 09:48 PM IST

ईटानगर, 29 सितंबर (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में भारत-म्यांमा सीमा के पास मंगलवार को संदिग्ध उग्रवादी हमले में असम राइफल के एक जवान की जान चली गई और चार अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि यह घटना नामपोंग क्षेत्र में नामपोंग नाला के पास सुबह करीब साढ़े छह बजे हुई। ‘21 असम राइफल’ के जवान उस इलाके में गश्त कर रहे थे, जहां सीमा पर बाड़ लगाने का काम किया जा रहा है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संदिग्ध उग्रवादियों ने गश्ती दल पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें हवलदार जानखोकाई कुकी (42) की जान चली गई और चार अन्य जवान घायल हो गए।

घायल जवानों को इलाज के लिए ले जाया गया। उनकी स्थिति के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।

अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाश अभियान तेज कर दिया है।

चांगलांग के पुलिस अधीक्षक किर्ली पाडू ने कहा कि उन्हें घटना की सूचना मिली है और उन्होंने चांगलांग थाना प्रभारी को मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘हमें भारत-म्यांमा सीमा पर हुई इस घटना के बारे में जानकारी मिली है और हमने चांगलांग थाना प्रभारी को इससे जुड़ी सूचनाएं एकत्र करने के लिए कहा है।’’

चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा संवेदनशील बनी हुई है, क्योंकि इस इलाके और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार विद्रोही गुट सक्रिय हैं और उनकी आवाजाही होती रहती है।

इस बीच, असम राइफल ने शहीद सैनिक को श्रद्धांजलि दी।

असम राइफल्स ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा और सभी कर्मी हवलदार जांगखोकाई कुकी को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हैं। उन्होंने 29 सितंबर 2026 को अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग में ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। हम अपने बहादुर सैनिक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। असम राइफल्स के महानिदेशक और कर्मी शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।’’

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि किसी भी उग्रवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन इस क्षेत्र में एनएससीएन (के-वाईए) तथा उल्फा सक्रिय है।

भाषा राजकुमार पवनेश

पवनेश