एक गांव, एक गणपति: बीड के गांव में निकाली गई भव्य विसर्जन यात्रा

एक गांव, एक गणपति: बीड के गांव में निकाली गई भव्य विसर्जन यात्रा

एक गांव, एक गणपति: बीड के गांव में निकाली गई भव्य विसर्जन यात्रा
Modified Date: September 19, 2026 / 09:48 pm IST
Published Date: September 19, 2026 9:48 pm IST

बीड, 19 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र में बीड तहसील के लिंबागणेश गांव में सांप्रदायिक सद्भाव की 225 साल पुरानी विरासत को सहेजते हुए शनिवार को एक झील में भगवान मयूरेश्वर की मूर्ति के भव्य विसर्जन के साथ पांच दिवसीय गणेश उत्सव का समापन हुआ।

यह गांव ‘एक गांव, एक गणपति’ की परंपरा का कड़ाई से पालन करता है, जहां केवल एक ही सार्वजनिक मूर्ति स्थापित की जाती है। रीति-रिवाजों के अनुसार, देवी गौरी के साथ भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन किया जाता है।

मुख्य आरती के बाद दोपहर एक बजे मूर्ति की विसर्जन यात्रा शुरू हुई, जिसमें सजावटी छतरियां, झंडे और राजदंड शामिल थे।

‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के बीच पीतल के बैंड, पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्रों और भजन गाने वाली मंडलियों के साथ विसर्जन यात्रा निकाली गई।

गांव के मारुति मंदिर की परिक्रमा करने के बाद मूर्ति को एक सजी हुई बैलगाड़ी पर रखा गया, जिससे कि आसपास के ग्रामीण इलाकों से आए हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर सकें।

यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

भाषा सुमित नेत्रपाल

नेत्रपाल


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