एसआईआर के एक साल पूरे, अब तक करीब छह करोड़ नाम हटाये गए
एसआईआर के एक साल पूरे, अब तक करीब छह करोड़ नाम हटाये गए
नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कवायद शुरू हुए एक साल पूरे हो गए हैं तथा 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया जारी है।
एसआईआर के जरिये अब तक लगभग छह करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाये जा चुके हैं तथा इसे लेकर विपक्ष और निर्वाचन आयोग के बीच तल्खी पैदा हुई है।
पिछले साल बिहार विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में एसआईआर की कवायद शुरू की गई थी।
बिहार में एसआईआर के बाद, वहां की मतदाता सूची से लगभग 65 लाख नाम हटा दिये गए। इस पर विपक्ष और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर काम कर रहा है और दस्तावेज न होने की वजह से नागरिकों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर रहा।
मार्च में, उच्चतम न्यायालय ने एसआईआर की कवायद संबंधी निर्वाचन आयोग के कदम की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा था।
वहीं, जिन लोगों के नाम एसआईआर के दौरान हटा दिए गए थे, उन्हें पश्चिम बंगाल और बिहार में राज्य की कल्याणकारी योजनाओं की लाभार्थी सूची से बाहर किया जा रहा है। हाल में हुए विधानसभा चुनावों के बाद, दोनों (बिहार और पश्चिम बंगाल) राज्यों की सरकारों ने घोषणा की कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण करने के डेटा को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा जा रहा है।
एसआईआर अब राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और विकास परिषद (एनसीईआरटी) की सामाजिक विज्ञान पुस्तक का हिस्सा है। पुस्तक में इसे यह सुनिश्चित करने की कवायद बताया गया है कि मतदाता सूची में कोई भी पात्र नागरिक न छूटे और कोई भी अपात्र व्यक्ति शामिल न हो।
पिछले साल 27 अक्टूबर को घोषित इस कवायद के दूसरे चरण में, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, गुजरात, मध्यप्रदेश और गोवा में कुल 10.2 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाये गए।
इन राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में एसआईआर से पहले मतदाताओं की कुल संख्या 50.99 करोड़ से अधिक थी।
इस प्रक्रिया के बाद, मतदाताओं की संख्या 45.81 करोड़ रह गई, यानी इसमें 5.18 करोड़ से अधिक की कमी आई। प्रतिशत के हिसाब से मतदाता सूची में 10.2 प्रतिशत की कमी आई है।
मतदाता सूची से कुल 66,88,636 मृत निर्वाचकों के नाम हटाए गए। इनमें सबसे अधिक 25.47 लाख नाम उत्तर प्रदेश से और उसके बाद पश्चिम बंगाल का स्थान है जहां 24.16 लाख नाम हटाये गए।
इसके अलावा, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान आपत्तियों और उनके निपटारे के बाद 63.16 लाख नाम हटा दिये गए।
वहीं, 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अंतिम मतदाता सूची अलग-अलग तारीखों पर जारी की गई, जिसमें उत्तर प्रदेश ने सबसे आखिर में डेटा जारी किया।
सोलह राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों -- आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड, तथा दिल्ली, चंडीगढ़ और दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव में एसआईआर का तीसरा चरण 14 मई को शुरू किया गया। यह इस साल के आखिर में पूरा होगा।
भाषा सुभाष गोला
गोला
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Web Title: एसआईआर के एक साल पूरे, अब तक करीब छह करोड़ नाम हटाये गए

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