चंडीगढ़, छह जून (भाषा) राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी ने ऑपरेशन ब्लूस्टार से संबंधित सभी सरकारी दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह सामुदायिक मेल-मिलाप और ‘‘एक नए भारत के रूप में स्वस्थ और एकजुट होकर’’ आगे बढ़ने के लिए आवश्यक है।
जून 1984 में स्वर्ण मंदिर से उग्रवादियों को खदेड़ने के लिए चलाए गए सैन्य अभियान ‘‘ऑपरेशन ब्लूस्टार’’ की 42वीं वर्षगांठ पर, साहनी ने कहा कि “महत्वपूर्ण भारतीय सरकारी फाइलें अब भी गोपनीय हैं, और ऐसा किया जाना नागरिकों को पूरी सच्चाई से वंचित रखना है”।
उन्होंने शनिवार को एक बयान में कहा, ‘‘जून 1984 से लगभग चार दशक बीत चुके हैं। ब्रिटेन के खुफिया दस्तावेजों के हाल में सार्वजनिक होने से यह खुलासा हुआ है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने ब्रिटेन की स्पेशल एयर सर्विस (एसएएस) से सैन्य परामर्श सहायता मांगी थी, फिर भी भारत सरकार की महत्वपूर्ण फाइलें गोपनीय बनी हुई हैं, जिससे नागरिकों को पूरी सच्चाई जानने से वंचित रखा गया है।’’
सांसद ने कहा कि इस ऑपरेशन ने पंजाब में दशकों से चली आ रही हिंसा को और भड़का दिया है।
साहनी ने इस बात पर जोर दिया कि उन राजनीतिक नफा-नुकसान, सैन्य निर्णयों और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप के बारे में वास्तविक सच्चाई जानना महत्वपूर्ण है, “जिनके कारण सिख धर्म के सबसे पवित्र तीर्थस्थल पर यह विनाशकारी हमला हुआ”।
साहनी ने हाल ही में छह अन्य सांसदों के साथ आम आदमी पार्टी छोड़ दी थी और भाजपा में शामिल हो गए थे।
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