नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरा होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को इस मिशन को आधुनिक युद्धकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इसकी अद्वितीय सटीकता और तीनों सेनाओं के निर्बाध समन्वय का उल्लेख किया।
उन्होंने एक संदेश में कहा कि यह अभियान राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए राष्ट्रीय संकल्प और तत्परता का एक शक्तिशाली प्रतीक है।
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पिछले साल छह-सात मई की दरमियानी रात को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए गए और कम से कम 100 आतंकवादियों को मार गिराया गया।
सिंह ने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर हम अपने सशस्त्र बलों की वीरता और बलिदान को सलाम करते हैं, जिनका साहस और समर्पण राष्ट्र की रक्षा करता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ऑपरेशन के दौरान उनके कार्यों ने अद्वितीय सटीकता, निर्बाध समन्वय और विभिन्न सेवाओं के बीच गहन तालमेल को दर्शाया, जिससे आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए एक मानदंड स्थापित हुआ।’’
रक्षा मंत्री ने कहा कि यह अभियान ‘‘राष्ट्रीय संकल्प और तत्परता का एक शक्तिशाली प्रतीक है, जो दर्शाता है कि हमारी सशस्त्र सेनाएं सबसे महत्वपूर्ण समय पर निर्णायक कार्रवाई करने के लिए हमेशा तैयार रहती हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में भारत की निरंतर प्रगति का भी प्रमाण है, जो क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ लचीलेपन को भी मजबूत करता है।’’
सिंह बृहस्पतिवार को जयपुर में संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों और सेना की युद्ध तैयारियों की व्यापक समीक्षा करेंगे।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह सम्मेलन साइबर, अंतरिक्ष और संज्ञानात्मक युद्ध के उभरते क्षेत्रों में चुनौतियों का मूल्यांकन करने और निर्णायक बढ़त वाली लचीली और भविष्य के लिए तैयार सेना के लिए क्षमता विकास का रोडमैप तैयार करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
भाषा
गोला वैभव
वैभव