हिमाचल प्रदेश। किन्नौर जिले के नामगया में 20 फरवरी से हिमस्खलन के बाद 5 सैनिक लापता है। जिन्हें ढूंढने के लिए जी तोड़ प्रयास किये जा रहे हैं। वहीं सैन्याधिकारियों का यह भी कहना है कि अब तक एक अधिकारी का शव बरामद कर लिया गया है। और बहुत अधिक ठण्ड की वजह से बचे हुए जवानों को सुरक्षित निकालना मुश्किल लग रहा है।
<blockquote class=”twitter-tweet”><p lang=”en” dir=”ltr”>Himachal Pradesh: Visuals of operations underway to rescue 5 Army personnel who are trapped after an avalanche (on February 20) at Namgya in Kinnaur district. <a href=”https://t.co/GQovwKySrh”>pic.twitter.com/GQovwKySrh</a></p>— ANI (@ANI) <a href=”https://twitter.com/ANI/status/1099955242651725824?ref_src=twsrc%5Etfw”>February 25, 2019</a></blockquote> <script async src=”https://platform.twitter.com/widgets.js” charset=”utf-8″></script>
बता दें कि चीन-भारत सीमा पर शिपकाला के समीप करीब 11 बजे यह हिमस्खलन हुआ था। उन्होंने बताया कि भारत तिब्बत सीमा पुलिस के कई जवान भी हिमस्खलन में फंस गये थे। उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सेना के सूत्रों ने बताया कि 16 जवान एक क्षतिग्रस्त जलापूर्ति लाईन की मरम्मत के लिए नामागया से शिपकी ला सीमा चौकी की ओर गये थे, उसी बीच हिमस्खलन हुआ एवं उनमें से छह उसमें दब गये थे।
किन्नौर की पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा ने बताया कि जिस जवान का शव मिला है, उसकी पहचान हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारपुर गांव के रमेश कुमार (41) के रूप में हुई है। वह सेना की जम्मू कश्मीर राइफल्स में थे। कुमार का पार्थिव शरीर अंत्यपरीक्षण के लिए पुह सिविल अस्पताल में भेजा गया है।