रास में परीक्षा विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने की छात्रों पर बल प्रयोग की निंदा

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रास में परीक्षा विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने की छात्रों पर बल प्रयोग की निंदा

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  • Publish Date - July 30, 2026 / 06:00 PM IST,
    Updated On - July 30, 2026 / 06:00 PM IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए बृहस्पतिवार को राज्यसभा में विपक्षी दलों के सदस्यों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की वहीं सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कहा कि सरकार बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखने हुए ही नया विधेयक लाई है ताकि प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर उच्च सदन में चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने कहा कि सरकार ने कहा था कि नीट का पेपर लीक होने से 22 लाख 80 हजार बच्चे प्रभावित हुए। लेकिन जब दोबारा नीट का पेपर हुआ तब 22 लाख बच्चे इसमें बैठे, दो लाख 80 हजार बच्चों ने यह परीक्षा नहीं दी। ‘‘इसके लिए कौन जिम्मेदार है?’’

सिंह ने कहा कि फास्ट ट्रैक अदालतों में बेहिसाब मामले लंबित हैं, ये अदालतें कैसे जल्दी सुनवाई कर पाएंगी। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय नहीं हैं, कई स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, कई की इमारत खस्ताहाल है और कई स्कूल बंद हो चुके हैं। ‘‘शिक्षा पर आखिर सरकार कितना खर्च करती है?’’

उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि इसका आदेश किसने और क्यों दिया? उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि भाजपा की एक सांसद ने ‘‘जेन जी’’ के लिए जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, उन्हें ‘गटर’ कहा है, उन पर सत्ता पक्ष रोक लगाए अन्यथा यही ‘‘जेन जी’’ आपको सबक सिखाएगी।

राजद के मनोज कुमार झा ने कहा कि नीट का पर्चा लीक होने से आहत छात्रों की पीड़ा पर मरहम लगाने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया। ‘‘यह कैसी व्यवस्था है ? छात्र कहां जाएंगे?’’

उन्होंने कहा कि समय के साथ हालात बदलते हैं, उसके साथ बहुत कुछ बदलता है और जहां बदलाव नहीं होता वहां कटुता की स्थिति आ ही जाती है।

अन्नाद्रमुक के एम थंबीदुरै ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों में छात्र परीक्षा की तैयारियां करते हैं और जब उनकी मेहनत पर पानी फिरता है तो वे अवसाद में आत्महत्या जैसा कदम भी उठा लेते हैं।

उन्होंने नीट परीक्षा को समाप्त करने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि कोचिंग केंद्रों पर भी लगाम लगानी होगी क्योंकि ये केंद्र भारी भरकम फीस लेते हैं और छात्रों के भविष्य के बजाय खुद को मजबूत करते हैं।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के येर्रम वेंकट सुब्बा रेड्डी ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए बल्कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस पर रोक लगना चाहिए।

समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि नए विधेयक में दंड को कठोर किया गया है और सुनवाई के लिए विशेष त्वरित अदालतों के गठन का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि दंड बढ़ाने से अपराध कम नहीं होता। पहले परीक्षाओं की जिम्मेदारी राज्य सरकारों के पास थी तब इस तरह प्रश्नपत्र लीक के मामले नहीं होते थे। आज पेपर ही 13 भाषा में होते हैं।

उन्होंने सलाह दी कि पहले की तरह ही नीट को खत्म कर मेडिकल परीक्षा की जिम्मेदारी राज्यों को सौंप दी जानी चाहिए। तब 15 फीसदी सीटें केंद्र के अधिकार में होती थीं।

चर्चा में हिस्सा लेते हुए तेदेपा के भाष्यम रामकृष्णा ने कहा कि छात्र की मेहनत एक ओर धरी रह जाती है जब प्रश्न पत्र लीक होता है और परीक्षा माफिया अपने नापाक इरादों में कामयाब होता है।

उन्होंने कहा ‘‘इस पर रोक लगानी ही होगी। यह जरूरी है। यह हमारे विकसित भारत के लक्ष्य के लिए भी जरूरी है।’’

भाषा

मनीषा अविनाश

अविनाश