नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) विपक्षी सदस्यों ने सोमवार को लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा कराने की मांग की, जिसके बाद सत्तापक्ष के साथ उनकी नोकझोंक हुई और फिर सदन की बैठक दोपहर 12 बजकर 12 मिनट पर 12.30 बजे तक स्थगित कर दी गई।
सदन में प्रश्नकाल संपन्न होने के बाद कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि आज की कार्यसूची में वामपंथी चरमपंथ के विषय पर नियम 193 के तहत चर्चा को शामिल किया गया है, जिस पर विपक्ष को कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन पश्चिम एशिया संकट पर भी चर्चा होनी चाहिए।
तिवारी ने कहा, ‘‘कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में इस मामले पर विचार हुआ था। पश्चिम एशिया संकट और बढ़ गया है। ऐसे में इस पर कब चर्चा होगी।’’
विपक्ष के कुछ सदस्यों ने भी यह मांग उठाई।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि आज के विधायी एजेंडे में शामिल कामकाज पूरा होने के बाद सरकार विपक्ष से बात करने को तैयार है।
हालांकि, विपक्षी सदस्य पश्चिम एशिया के मामले पर चर्चा के आश्चासन की मांग पर अड़े रहे।
संसद में नोकझोंक के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दोपहर 12 बजकर 12 मिनट पर बैठक 12.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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