विपक्षी नेताओं ने 16 मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने, प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग पर उठाए सवाल
विपक्षी नेताओं ने 16 मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने, प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग पर उठाए सवाल
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) विपक्षी नेताओं ने बुधवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में जारी आंदोलन के बीच दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन बंद किए जाने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सवाल किया कि जो लोग हथियारबंद नहीं थे, उनके खिलाफ बल प्रयोग क्यों किया गया।
केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘क्या आप मुझे एक भी ऐसा प्रदर्शनकारी दिखा सकते हैं जो हथियार लेकर आया हो? निहत्थे युवाओं पर इस तरह लाठियां बरसाने वाली कैसी जिम्मेदार सरकार है?’
उन्होंने कहा कि मेट्रो स्टेशन को बंद करना गलत है और छात्रों तथा प्रदर्शनकारियों को रोकने की सरकार की कोशिश से आंदोलन और मजबूत होगा।
उन्होंने कहा, ‘आप सभी मेट्रो स्टेशन भी बंद कर देंगे, तब भी ये पैदल चलकर आएंगे। ये युवा हैं। सरकार के लिए बेहतर होगा कि वह इन युवा प्रदर्शनकारियों की बात सुने।’
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों की मांगों पर ध्यान देने के बजाय उनके आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार को स्थिति बिगड़ने देने के बजाय छात्रों से बातचीत करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, ‘यह वास्तव में बहुत खराब विचार था। इसे जिस तरह अंजाम दिया गया, वह भी बहुत गलत था। बीच सड़क पर इस तरह छात्रों की पिटाई करना…यह बेहद चौंकाने वाला है। इस पूरे मामले में सरकार का रवैया मेरी समझ से परे है।’
थरूर ने हालात को बिगड़ने देने के लिए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘उनसे संवाद स्थापित करने का अवसर होना चाहिए था। मुझे वास्तव में आश्चर्य है कि सरकार ने हालात को इस हद तक बिगड़ने दिया और छात्रों का स्वागत हिंसा और लाठियों से किया।’
प्रदर्शनकारियों के साथ प्रस्तावित बातचीत के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता ने कहा, ‘अब वे कह रहे हैं कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन बातचीत इस बात पर निर्भर करेगी कि उसके नियम क्या होंगे, अवधि कितनी होगी, कितने वक्ता होंगे और अन्य व्यवस्थाएं क्या होंगी, ताकि सभी को अपनी चिंताएं ठीक तरह से रखने का अवसर मिल सके।’
धरना स्थल पर अपने दौरे का उल्लेख करते हुए थरूर ने कहा, ‘एक युवक, जो प्रदर्शनकारियों को पानी बांट रहा था, उसकी आंख के नीचे और सिर पर लाठियों से मारा गया। एक युवती ने बताया कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने उसके साथ धक्का-मुक्की की। ये बेहद पीड़ादायक बातें हैं।’
उन्होंने कहा, ‘उनमें से कई लोगों ने कुछ ऐसे लोगों को भी देखा जो सादे कपड़ों में थे और जिनके हाथों में ऐसी लाठियां थीं जिनमें कीलें या स्क्रू लगे थे। यह बात भी उन्हें बेहद चौंकाने वाली लगी। इन सब बातों से मैं बहुत व्यथित हूं।’
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने पर सवाल पूछे जाने पर इसकी आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘क्या दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र ऐसा दिखता है?’
दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसी) ने बुधवार सुबह जारी प्रदर्शन के मद्देनजर ‘सुरक्षा कारणों’ का हवाला देते हुए राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस, आईटीओ और खान मार्केट समेत 16 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए।
स्टेशन बंद होने से सुबह के व्यस्त समय में कार्यालय जाने वाले सैकड़ों लोग, छात्र और अन्य यात्री फंस गए। कई लोगों को बीच रास्ते अपना मार्ग बदलना पड़ा, अपरिचित स्टेशन पर उतरना पड़ा और वैकल्पिक परिवहन का सहारा लेना पड़ा। सोमवार को इसी तरह के बंद के बाद एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी ऐसी घटना थी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर, रफी मार्ग, संसद मार्ग और अन्य संवेदनशील इलाकों में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस तथा अर्द्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं, जबकि दंगा-रोधी इकाइयों, त्वरित प्रतिक्रिया दलों और रिजर्व बलों को भी तैयार रखा गया है। प्रदर्शनकारियों की आवाजाही के अनुसार क्षेत्र की कई सड़कों पर यातायात संबंधी पाबंदियां भी लगाई गई थीं।
भाषा अमित नरेश
नरेश

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