कर्नाटक विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने मंत्री थिम्मापुर के इस्तीफे की मांग की

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कर्नाटक विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने मंत्री थिम्मापुर के इस्तीफे की मांग की

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  • Publish Date - February 4, 2026 / 04:27 PM IST,
    Updated On - February 4, 2026 / 04:27 PM IST

बेंगलुरु, चार फरवरी (भाषा) कर्नाटक विधानसभा में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) के सदस्यों ने आसन के समीप जाकर प्रदर्शन किया और आबकारी मंत्री आर बी थिम्मापुर के विभाग में करोड़ों रुपये का घोटाला होने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।

विपक्ष ने मंगलवार को विधानसभा में रातभर विरोध प्रदर्शन किया क्योंकि थिम्मापुर ने शराब लाइसेंसिंग और अधिकारियों के तबादलों में उनके और उनके बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही, आसन के समीप मौजूद भाजपा और जद(एस) के विधायकों ने थिम्मापुर के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए।

विपक्ष के नेता आर अशोक ने आरोप लगाया कि लाइसेंस देने और तबादलों में सुविधा प्रदान करने के लिए आबकारी विभाग में रिश्वत लिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि शराब व्यापारियों के संघ ने आबकारी विभाग में लगभग छह हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है और इससे संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी की गई है।

उन्होंने बताया कि लोकायुक्त में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि सत्ताधारी कांग्रेस द्वारा चुनावी राज्यों में पार्टी को चंदा देने के लिए ‘लूट के धन’ का इस्तेमाल किया जा रहा है।

अशोक ने कहा कि उन्होंने सदन में तीन पेन ड्राइव पेश की हैं, जिनमें आबकारी विभाग में कथित घोटाले को साबित करने वाले ऑडियो सबूत हैं और एक आबकारी उपायुक्त का बयान भी है जिसमें मंत्री को कमीशन मिलने की बात कही गई है।

उन्होंने कहा कि थिम्मापुर को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और मामले की जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि वह मंत्री का इस्तीफा तुरंत लें, मामले की जांच कराएं और तीन महीने बाद अगर वह निर्दोष साबित होते हैं, तो उन्हें फिर से मंत्रालय में शामिल करें।’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के के.जे. जॉर्ज और भाजपा के पूर्व मंत्री के.एस. ईश्वरप्पा ने भी आरोपों के बाद अतीत में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

विपक्ष के नेता ने कहा, ‘इस घोटाले में मुख्यमंत्री की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।’

उन्होंने आरोप लगाया कि जिस मंत्री पर आरोप लगे हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न करने में मुख्यमंत्री की क्या भूमिका है?

उन्होंने कहा, ‘सिद्धरमैया नैतिकता का उपदेश तो देते हैं, लेकिन क्या उनमें खुद कोई नैतिकता है?’

उन्होंने यह आरोप लगाया कि सत्ताधारी कांग्रेस ने लोकसभा चुनावों के लिए वाल्मीकि एसटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के कोष का इस्तेमाल किया।

उन्होंने कहा, ‘अब असम चुनावों के लिए उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार कांग्रेस के चुनाव प्रभारी हैं और केरल चुनावों के लिए के.जे. जॉर्ज प्रभारी हैं। इन चुनावों में इस्तेमाल किया जा रहा धन कर्नाटक के आबकारी विभाग का है।’

इसके बाद, भाजपा और जद(एस) के सदस्यों ने आसन के समीप जाकर विरोध प्रदर्शन करते हुए मंत्री थिम्मापुर के इस्तीफे की मांग की और नारे लगाए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भी नारे लगाए गए।

भाषा राखी सुभाष

सुभाष