विपक्ष ने ‘हिंदुत्ववादी इन्फ्लुएंसर’ के मारपीट संबंधी दावे को लेकर भाजपा को घेरा

विपक्ष ने ‘हिंदुत्ववादी इन्फ्लुएंसर’ के मारपीट संबंधी दावे को लेकर भाजपा को घेरा

विपक्ष ने ‘हिंदुत्ववादी इन्फ्लुएंसर’ के मारपीट संबंधी दावे को लेकर भाजपा को घेरा
Modified Date: September 3, 2026 / 07:01 pm IST
Published Date: September 3, 2026 7:01 pm IST

नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने स्वयंभू ‘हिंदुत्ववादी इन्फ्लुएंसर’ के उस दावे को लेकर बृहस्पतिवार को भाजपा पर निशाना साधा, जिसमें उसने कहा है कि जंतर-मंतर पर जुलाई में एक प्रदर्शनकारी छात्रा के पिता पर उसने हमला किया था।

सोशल मीडिया में प्रसारित वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज नामक युवक यह दावा करते हुए सुना जा सकता है कि उसने प्रदर्शनकारी निशु आजाद के पिता संजय का सिर फोड़ दिया था और उन्हें 60 टांके लगे थे।

भारद्वाज को वीडियो में यह कहते भी सुना जा सकता है कि घटना के बाद संजय को गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाया गया और उनकी बेटी पुलिस थाने के बाहर खड़ी होकर न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या करने की बात कह रही थी।

उसका दावा है कि इस सबके बावजूद उसे गिरफ्तार नहीं किया गया।

भारद्वाज ने कथित तौर पर कहा कि उसे ‘‘भगवान हनुमान का आशीर्वाद’’ प्राप्त है और कपिल मिश्रा उसके ‘‘बड़े भाई’’ हैं। उसने यह दावा भी किया कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उसके ‘‘बड़े भाई’’ हैं तथा उन्हें सभी का समर्थन प्राप्त है।

इस मामले पर ‘पीटीआई-भाषा’ ने मिश्रा, पासवान और दिल्ली पुलिस से प्रतिक्रिया मांगी, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं मिला था।

कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने यह वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि भारद्वाज ने छात्र प्रदर्शनकारी के पिता पर हमले की बात खुले तौर पर स्वीकार की है और दावा किया कि एक फोन कॉल के बाद उसे राहत मिल गयी।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि क्या भगत सिंह जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने इसलिए बलिदान दिया था कि देश को ऐसा प्रधानमंत्री मिले जो ‘‘ऐसे गुंडों’’ का संरक्षण करता हो।

कॉजपा ने भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सवाल किया कि कथित तौर पर हमले की स्वीकारोक्ति सामने आने के बावजूद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की।

यह मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर कॉजपा के प्रदर्शन के दौरान संजय पर हुए कथित हमले से जुड़ा है। उनकी बेटी निशु छात्र आंदोलन में शामिल थीं।

कॉजपा का आरोप है कि हमले में संजय को सिर में गंभीर चोटें आयीं और चोटों की गंभीरता के बावजूद पुलिस ने भारद्वाज के खिलाफ कड़ी धाराएं नहीं लगाईं।

कॉजपा के प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि संजय के सिर में गंभीर चोट आयी थी और मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास का मामला बनता था, लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी में यह प्रावधान जोड़ने से इनकार कर दिया।

दास ने दावा किया कि संबंधित पुलिस अधिकारियों ने उनकी मांग स्वीकार नहीं की और उन्हें अदालत से आदेश लेने के लिए कहा।

भाषा हक हक माधव

माधव


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